अवैध खनन के मामले में सीबीआई ने एमएलसी समेत कई कारोबारियों से की पूछताछ

अवैध खनन के मामले में सीबीआई ने एमएलसी समेत कई कारोबारियों से की पूछताछ




-पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की मां और पिता के अलावा परिवार के सदस्य तलब

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में रविवार को सीबीआई की चार सदस्यीय टीम ने सपा के एमएलसी रमेश मिश्रा व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के परिवार को कैम्प ऑफिस तलब कर अवैध खनन के मामले में कई घंटे तक पूछताछ की। इसके अलावा एमएलसी के रिश्तेदारों के भी बयान लिए।

हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेश से सीबीआई हमीरपुर जिले में मौरंग खनन घोटाले की जांच कर रही है। वर्ष 2012 में अखिलेश यादव की सरकार में यहां की तत्कालीन जिलाधिकारी बी. चन्द्रकला ने करीब 49 मौरंग के पट्टे जारी किये थे। मौरंग के पट्टे जारी करने में नियमों को ताक पर रखा गया था। मौरंग के इन पट्टों को लेकर हाईकोर्ट ने कार्रवाई की थी। इसके बाद भी अवैध खनन का खेल दिन रात चलता रहा। बी.चन्द्रकला के कार्यकाल में बेतवा और अन्य नदियों की जलधारा रोककर प्रतिबंधित मशीनों से मौरंग खनन किया गया।

वसूली का सिंडीकेट

माफिया ने खनन के लिए नदियों में अस्थायी पुल भी बनाए थे। बताया जाता है कि मौरंग के पट्टे जारी करते समय राष्ट्रीय हरित पंचाट (एनजीटी) के निर्देशों की भी अनदेखी गई थी। ज्यादातर मौरंग के पट्टों में एमएलसी रमेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के परिवार के लोगों का कब्जा था।लोक निर्माण विभाग के रिटायर्ड लिपिक रामऔतार व जिला समाज कल्याण विभाग के लिपिक की पत्नी के अलावा कई बड़े माफिया ने न सिर्फ अवैध खनन का खेल खेला, बल्कि यहां मौरंग ट्रकों से वसूली के लिये सिंडीकेट का नेटवर्क भी माफियाओं ने चलाया था।

सीबीआई की चार सदस्यीय टीम आठ दिनों से साक्ष्य जुटाने में जुटी

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई की चार सदस्यीय टीम पिछले आठ दिनों से मौदहा बांध निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में कैम्प ऑफिस बनाकर अवैध खनन की जांच कर रही है। रविवार को सीबीआई व ईडी के रडार में बुरी तरह फंसे सपा के एमएलसी रमेश मिश्रा को सीबीआई ने कैम्प ऑफिस में तलब किया। उनसे कई घंटे तक अवैध खनन के बारे में पूछताछ होती रही। उनके बाद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के पिता सत्यदेव दीक्षित, मां माया दीक्षित पत्नी सत्यदेव दीक्षित, दिनेश व राकेश दीक्षित से ऑफिस में सीबीआई टीम के अधिकारियों ने काफी देर तक पूछताछ की।

एमएलसी के रिश्तेदार अम्बिका उर्फ बबलू महाराज व मौरंग कारोबारी मुकेश पालीवाल से भी अवैध खनन के मामले में लम्बी पूछताछ की गई है। इसके अलावा मौरंग के कारोबारी व आरोपी रामऔतार को एक बार फिर सीबीआई ने तलब कर पूछताछ की है। ऑफिस से बाहर निकलते ही सभी लोगों के चेहरे मुर्झायें नजर आ रहे थे। कुछ मौरंग कारोबारियों ने मीडिया के कैमरा देख आक्रोश भी जताया है।

खनिज विभाग के पूर्व कर्मचारी भी तलब

खनिज विभाग के रिटायर्ड लिपिक रामआसरे को सीबीआई ने तलब कर पूछताछ की है, वहीं हमीरपुर खनिज विभाग में वर्ष 2012 से 2016 तक तैनात रहे खनिज कर्मी रामनरेश, साकिर से भी कैम्प ऑफिस में काफी देर तक सीबीआई ने पूछताछ की है। सीबीआई की चार सदस्यीय जांच के दौरान मौरंग कारोबारियों व अन्य कर्मियों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि वर्ष 2012 से वर्ष 2016 तक हाईकोर्ट से रोक के बाद मौरंग के पट्टे ई-टेडरिंग से क्यों नहीं दिए गए है। इस अवधि में जनपद में मौरंग खनन घोटाला होने के साक्ष्य भी जुटाने में सीबीआई जुटी है।

पूर्व सांसद समेत कई मौरंग कारोबारी भी तलब

हमीरपुर जिले में अवैध खनन में सीबीआई की रडार में एमएलसी रमेश मिश्रा व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के परिवार समेत 28 मौरंग कारोबारी है। इनमें जालौन और गरौठा के पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी, देवनारायण दीक्षित, राकेश अग्रवाल, कौशिल्या देवी, हर्षवर्धन शुक्ला, मुन्नीलाल अग्रवाल, अशोक कुमार, मालती मिश्रा व नीरजा सिंह सहित अन्य नामीगिरामी कारोबारियों को सीबीआई पूछताछ के लिये तलब कर चुकी है। पूर्व सांसद एक दो दिन में यहां सीबीआई के ऑफिस में पेश हो सकते हैं। मौरंग कारोबारी अशोक कुमार को सोमवार को कैंप कार्यालय बुलाया गया है।


Share it
Top