अखिलेश को प्रधानमंत्री बनाने के लिए लगी होर्डिंग..लखनऊ में लगे पोस्टर्स, बसपा के खेमे में मचा दी खलबली

अखिलेश को प्रधानमंत्री बनाने के लिए लगी होर्डिंग..लखनऊ में लगे पोस्टर्स, बसपा के खेमे में मचा दी खलबली




लखनऊ। लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक गलियारों में नये-नये चर्चे जोड़ पकड़ रहे हैं। सपा-बसपा गठबंधन से कांग्रेस को बाहर रखने का मुद्दा अभी शांत भी नहीं हुआ है कि शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर लगी होर्डिंग ने गठबन्धन की मंशा पर सवाल उठा दिए हैं।

इसमें समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अलिखेश यादव को देश का नया प्रधानमंत्री चुनने की अपील की गयी है। अखिलेश के समर्थन में लगी ऐसी होर्डिंग में लिखा गया है कि ''देश में प्रदेश में-विश्वास है अखिलेश में।'' वहीं, इसके ठीक नीचे लिखा गया है कि ''चाहिए देश को नया प्रधानमंत्री।'' पोस्टर में अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और एक सपा नेता डॉ. अनुराग यादव की तस्वीर है। अखिलेश को नये प्रधानमंत्री के रुप में चुनने की अपील ये सपा नेता डॉ. अनुराग की ओर से की गई है।

खास बात है कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अपनी प्रतिद्वन्दी पार्टियों से प्रधानमंत्री का चेहरा घोषित करने की मांग लगातार कर रही है। लेकिन कोई भी पार्टी या सपा-बसपा गठबंधन या कोलकाता में हुए तथाकथित महागठबंधन की रैली ने अभी तक अपने प्रधानमंत्री उम्मीदवार का चेहरा नहीं बताया है।

हाल ही में अखिलेश ने एक कार्यक्रम में कहा कि ''हमारे पास प्रधानमंत्री के चेहरे को लेकर कई च्वाईस (विकल्प) हैं।'' उन्होंने कहा ​है कि ''वे चाहते हैं कि नये साल में देश को नया पीएम मिले।'' उन्होंने ये भी बयान ​दिया कि अगला पीएम यूपी से होना चाहिए। अब ऐसी परिस्थिति व बयानों के बीच अखिलेश को प्रधानमंत्री की कुर्सी सौंपने के समर्थन में लगी होर्डिंग्स ने सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि बसपा पहले से ही मायावती को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बताती आयी है। वहीं अखिलेश कुछ समय पहले तक नेताजी यानी अपने पिता मुलायम सिंह यादव को प्रधानमंत्री बनाने के पक्षधर थे, लेकिन अब उनके बयान लगातार बदल रहे हैं।

हालांकि अखिलेश की लगी होर्डिंग पर बसपा कुछ भी कहने से बच रही है। पार्टी नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है। वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने इस पर कहा कि कांग्रेस को इससे कोई आपत्ति नहीं है और न ही कोई टिप्पणी हम करना चाहते हैं। अखिलेश यादव सपा के नेता हैं। सपा के लोग जानें। उन्होंने कहा कि इससे भाजपा को आपत्ति हो सकती है।

जबकि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि इस होर्डिंग से साबित हो गया है कि 'कहीं का ईंट कहीं का रोड़ा-भानुमति ने कुनबा जोड़ा।' चुनाव के पहले यह हाल है तो चुनाव के बाद क्या होगा। लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने मायावती को, कोलकाता की रैली में ममता बनर्जी को पीएम प्रत्याशी बताया, लेकिन उनके कार्यकर्ता उन्हें पीएम घोषित कर रहे हैं। ये लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास कार्यों से घबराये हुए हैं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को रोकने के लिए सपा-बसपा का गठबंधन हुआ है। दोनों दल 38-38 सीटों पर लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। अभी तक सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है। रालोद को भी अखिलेश अपने साथ जोड़ रहे हैं। ऐसे में अखिलेश को प्रधानमंत्री बनाने के लिए हो रहे इस प्रचार से नई अटकलें लगायी जा रही हैं।


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