लोकसभा चुनाव: 2019 में मतदाता बने युवा तय करेंगे 17वीं लोकसभा का स्वरूप : राष्ट्रपति

लोकसभा चुनाव: 2019 में मतदाता बने युवा तय करेंगे 17वीं लोकसभा का स्वरूप : राष्ट्रपति



नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव अपने आप में खास होंगे क्योंकि ये इस सदी का पहला आम चुनाव होगा जिसमें इसी सदी में पैदा हुए युवा मतदान कर सकेंगे। 2019 के आम चुनाव में इस बार ऐसे मतदाता मतदान के पात्र होंगे जिनका जन्म 1 जनवरी 2000 या उसके बाद हुआ है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यहां 9वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पहली बार मतदान का अधिकार प्राप्त करने वाले युवा मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र दिए। कार्यक्रम में मौजूद युवा मतदाताओं को बैज दिए गए था जिन पर लिखा था, ''मतदाता होने पर गर्व है, मतदान के लिए तैयार''। उन्होंने इस मौके पर चुनावों में उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारियों को भी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया।

कोविंद ने पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को मतदान के अधिकार का महत्व बताते हुए कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदाता के रूप में योगदान देने का अवसर मिलना गौरव की बात है। उन्हें इस अधिकार का इस्तेमाल करते समय जानकारी, जिम्मेदारी, नैतिकता और संवेदनशीलता से काम लेना होगा। उन्होंने कहा कि आप सभी युवा मतदाता उस पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं जो पहली बार हमारे देश में इस वर्ष होने वाले आम चुनाव में मतदान करेंगे और 17वीं लोकसभा का स्वरूप तय करेंगे। आप सबकी यह पीढ़ी अपने विवेक पर आधारित मतदान के जरिए 21वीं सदी के भारत का भविष्य भी निर्धारित करेगी।

उन्होंने आम चुनावों को लोकतंत्र के महायज्ञ की संज्ञा देते हुए कहा कि आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मेरी नागरिकों से अपील है कि आप सभी वर्ष 2019 में होने वाले इस महायज्ञ में मतदान करके प्रत्यक्ष रूप से अपनी भागीदारी निभाएं। साथ ही अन्य नागरिकों को भी मतदान करने के लिए प्रेरित करके आप सब इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाएं।

कोविंद ने कहा कि एक गणराज्य के रूप में भारत के स्थापित होने के साथ ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन-आयोग की स्थापना हमारे संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता और लोकतंत्र के प्रति हमारी आस्था को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज भारतीय लोकतंत्र पूरे विश्व के सामने एक मिसाल है। विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के साथ-साथ यह दुनिया का सबसे अधिक विविधतापूर्ण लोकतंत्र भी है। हमारे लोकतंत्र की सफलता में हमारी चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी स्टेक-होल्डर्स का योगदान सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि आज हमारे देश में लगभग 89 करोड़ मतदाता हैं और मतदान केंद्रों की संख्या लगभग 10 लाख होती है। भौगोलिक विविधता से संपन्न विशाल देश में सफलतापूर्वक चुनाव कराने में आधुनिक टेक्नॉलॉजी और पद्धतियों के उपयोग से बहुत सहायता मिलती है।

कोविंद ने कहा कि पूरे विश्व में भारत के लोकतंत्र और निर्वाचन-प्रणाली का विशेष सम्मान है। कई देशों के चुनाव-संस्थानों ने हमारी निर्वाचन प्रक्रिया और प्रबंधन का अध्ययन किया है। अनेक देशों के निर्वाचन-प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को भारत के निर्वाचन-आयोग ने प्रशिक्षण दिया है।

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