'शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) की संवैधानिक वैधता बरकरार'

शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) की संवैधानिक वैधता बरकरार


नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) की संवैधानिक वैधता आज बरकरार रखी। न्यायमूर्ति रोहिंगटन एफ. नरीमन और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने संबंधित संहिता को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दी। न्यायालय ने 16 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

पीठ ने कहा कि वह 'संपूर्णता' में इसकी संवैधानिक वैधता को मान्यता देती है। खंडपीठ ने, हालांकि यह स्पष्ट किया कि अधिनियम में संबंधित पक्ष से आशय कारोबार से जुड़ा कोई व्यक्ति होना चाहिए।

इसी के साथ न्यायालय ने कई कंपनियों द्वारा आईबीसी के कई प्रावधानों को चुनौती देने वाली तमाम याचिकाएं खारिज कर दी।


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