रूस में हुए जहाज अग्निकांड में विदेश मंत्रालय ने की छह भारतीय नाविकों के मरने की पुष्टि

रूस में हुए जहाज अग्निकांड में विदेश मंत्रालय ने की छह भारतीय नाविकों के मरने की पुष्टि


नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने रूस के ब्लैक सी स्थित क्रर्च स्ट्रैट में दो विदेशी जहाजों में लगी आग में छह भारतीय नाविकों के मारे जाने की पुष्टि कर दी हैं। मंत्रालय ने बताया कि दो ईंधनवाहक जहाज एलपीडी/सी कैंडी और एलपीडी/सी मेस्ट्रो में हुए अग्निकांड में मारे गए भारतीय नाविकों में विक्रम सिंह, सर्वान्न नागाराजन, विशाल दोड, राजा देबनारायण पाणिग्रही, करणकुमार हरिभाई तंडेल, पिनाल कुमार भरतभाई तंडेल शामिल हैं। करण कुमार को छोड़कर बाकी सभी जहाज एलपीजी/सी कैंडी पर सवार थे, वहीं करण कुमार एलपीडी/सी मेस्ट्रो पर था।

मंत्रालय के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि 21 जनवरी को दोनों ईंधनवाहक जहाज, एलपीडी/सी कैंडी और एलपीडी/सी मेस्ट्रो में आग लग गई थी। ये आग उस समय लगी जब एक जहाज से ईंधन की आपूर्ति दूसरे जहाज में की जा रही थी । आग एक जहाज से दूसरे जहाज तक पहुंची। आग एक जहाज में विस्फोट के चलते लगी, क्योंकि जहाजों में अति-ज्वलनशील ईंधन भरा हुआ था, इसीलिए आग को फैलने में वक्त नहीं लगा। इससे पहले की हालात पर काबू पाया जाता करीब 11 नाविक इस अग्निकांड में मारे गए, जिसमें 06 भारतीय हैं। वहीं सिद्धार्थ मेहर, नीरज सिंह, सेबेस्टीन ब्रिटो ब्रेजलीन, रूशीकेश राजू सक्पाल, अभय बब्बन जाधव, आन्नदासेकर अविनाश भारतीय नाविक फिलहाल लापता है। लेकिन हरीश जोगी, सचिन सिंह, आशीष अशोक नायर और कमलेश भाई गोपालभाई तंडेल को बचाव दल ने बचा लिया है।

बताया जा रहा है कि जब दोनों जहाजों पर आग लगी, तो करीब तीन दर्जन नाविक जान बचाने के लिए समुद्र में कूद गए थे जिन्हें बचाने के लिए रूसी नौसेना के जहाज लगे हुए हैं, वहीं मौसम के लगातार खराब होने से बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है।

बताया जा रहा है कि एलपीडी/सी कैंडी और एलपीडी/सी मेस्ट्रो पर अफ्रीकी देश तंजानिया का झंडा लगा हुआ था। सामुद्रिक परिवहन नियमों के मुताबिक ये बताता है कि दोनों जहाज तंजानिया में रजिस्टर्ड थे। जहाज पर सवार नाविकों में कीनिया, भारत और लीबिया के नागरिक थे।

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