अवैध खनन मामले में ईडी ने आईएएस अफसर बी. चंद्रकला और एमएलसी रमेश मिश्र को किया तलब

अवैध खनन मामले में ईडी ने आईएएस अफसर बी. चंद्रकला और एमएलसी रमेश मिश्र को किया तलब

मंगलवार को सीबीआई ने आईएएस बी. चन्द्रकला के कार्यकाल में जारी पट्टों के दस्तावेज खंगाले


हमीरपुर। उप्र में हुए अवैध खनन मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) के शिकंजा कसने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी सख्त रुख अपनाया है। मनी लॉड्रिंग, षड्यंत्र व धोखाधड़ी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज करा चुकी ईडी ने हमीरपुर की तत्कालीन जिलाधिकारी बी. चंद्रकला को 24 व एमएलसी रमेश मिश्र को 28 जनवरी को लखनऊ तलब किया है।

नौ अन्य आरोपितों खनन अधिकारी मोईनुद्दीन, खनन लिपिक रामआसरे प्रजापति, सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के भाई दिनेश मिश्रा, पट्टाधारक अंबिका तिवारी, बसपा नेता व पट्टाधारक संजय दीक्षित, सत्यदेव दीक्षित, जालौन निवासी पट्टाधारक रामअवतार सिंह, करन सिंह और लखनऊ निवासी आदिल खान को अलग-अलग तारीख दी जा चुकी है। इसे लेकर खनन माफिया में खलबली मची है। खासतौर पर जांच की जा रही है कि हमीरपुर में 2012 से 2016 के बीच मौरंग के अवैध खनन से कमाई गई रकम को कहा निवेश किया गया।

मंगलवार को भी हमीरपुर में सीबीआई की टीम फिर अचानक खनिज भवन पहुंची और करीब पांच घंटे तक तत्कालीन जिलाधिकारी बी.चन्द्रकला आईएएस के दो साल के कार्यकाल में जारी हुए मौरंग के पट्टों के अभिलेखों की जांच की। बंद कमरे में सीबीआई की अधिकारी खनिज अधिकारी और कर्मचारियों के अलावा विभाग में मौजूद अन्य कर्मियों से भी पूछताछ करते रहे।

पूछताछ के दौरान अधिकारियों में बेचैनीभी व्याप्त रही। अवैध खनन की जांच एक बार फिर शुरू होने से मौरंग खदानों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। कई मौरंग व्यवसायी खनिज भवन किसी काम से आये थे, लेकिन जैसे ही सीबीआई टीम की मौजूदगी की जानकारी हुई तो तुरंत गाड़ी में बैठकर मौरंग व्यवसायी लौट गये।

समाजवादी पार्टी की सरकार में वर्ष 2012 में 2008 बैच की आईएएस बी.चन्द्रकला को पहली बार हमीरपुर की जिलाधिकारी के पद पर नियुक्ति की गयी थी। इन्होंने 15 अप्रैल 2012 को यहां आकर जिलाधिकारी के पद का चार्ज संभाला था। इस महिला आईएएस ने शासन के नियम और कायदे को दरकिनार करते हुये मौरंग के 59 पट्टे जारी कर दिये थे। इन्होंने पहली मर्तबा बिना ई-टेडरिंग के 49 पट्टे जारी किये थे। दोबारा में दस मौरंग के पट्टे जारी हुये थे।

ज्यादातर मौरंग के पट्टों पर अखिलेश यादव की सरकार से जुड़े लोगों का ही कब्जा रहा। इसमें सपा के एमएलसी रमेश मिश्रा उनके बड़े भाई दिनेश मिश्रा, व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के परिजनों के अलावा पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड बाबू रामऔतार ने कम्पनी बनाकर अंधा-धुंध मौैरंग का अवैध खनन किया। महिला आईएएस के कार्यकाल में दो सालों तक लगातार नदियों में अस्थायी पुल बनाकर जलधारा से प्रतिबंधित मशीनों से मौरंग के खनन का खेल खेला गया है। इसे लेकर समाजसेवी विजय द्विवेदी एडवोकेट ने शासन को शिकायतें की थी।

अवैध खनन को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दायर की थी जिसके बाद हाईकोर्ट से इस पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है। मंगलवार को सुबह सीबीआई टीम ने खनिज भवन पहुंचकर मामले की जांच की फिर थोड़ी देर बाद टीम लौट गयी। बताते है कि उनके जाते ही खनिज विभाग के अधिकारी और कर्मचारी राहत की सांस ले भी नहीं पाये कि सीबीआई की टीम फिर दोपहर बाद खनिज भवन पहुंच गयी। उनके जाते ही विभाग में हड़कंप मच गया।

टीम करीब पांच घंटे तक बी.चन्द्रकला के कार्यकाल और उसके बाद जारी हुये मौरंग खनन के पट्टों के अभिलेख खंगाले। अधिकारियों व कर्मचारियों से भी टीम ने पूछताछ की। सूत्र बताते है कि खनिज भवन में खनिज अधिकारी से लेकर नीचे स्तर के अधिकारी और कर्मचारियों से लम्बी पूछताछ हुयी है।

बेतवा पुल व नदी में हाईटेंशन टावर का किया निरीक्षण

सीबीआई की टीम ने बेतवा पुल का निरीक्षण कर मौरंग खनन क्षेत्र का जायजा लिया। सेन्ट्रल मौरंग खदान देखने के बाद टीम ने बेतवा नदी में लगे हाईटेंशन लाइन के टावर का भी निरीक्षण किया। समाजसेवी व याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी एडवोकेट ने बताया कि सीबीआई की टीम यहां कई दिनों तक रहकर अवैध खनन और इसके नेटवर्क में शामिल लोगों की जांच करने के साथ ही अहम साक्ष्य भी एकत्र करेगी।

मौरंग के 63 पट्टों के अभिलेखों की कराई गई फोटो कॉपी

सीबीआई टीम ने वर्ष 2012 से 2016 तक की अवधि में जारी मौरंग के पट्टों के अभिलेखों की जांच की और सभी की फोटो कॉपी कागजात तलब किए। खनिज विभाग में फोटो कॉपी मशीन के होने पर अभिलेखों की फोटो कॉपी बस स्टाप के पास एक दुकान से करवाई गई। अभिलेखों के रिकार्ड कब्जे में लेकर फिलहाल सीबीआई टीम वापस मौदहा बांध के निरीक्षण भवन के कैम्प आफिस चली गई है।

मौरंग खनन के पट्टा धारकों से सीबीआई करेगी पूछताछ

खनिज भवन से मौरंग के 63 पट्टा धारकों की डिटेल हासिल करने के बाद अब सीबीआई टीम के अधिकारी सभी को नोटिस जारी कर पूछताछ करेगी। इसके लिये कागजी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। याचिकाकर्ता एवं समाजसेवी विजय द्विवेदी एडवोकेट ने मंगलवार को शाम बताया कि सीबीआई की टीम अवैध खनन से जुड़े सभी बिन्दुओं पर गहराई से छानबीन कर रही है। इधर मौरंग के ज्यादातर पट्टा धारक भूमिगत हैं।


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