ईवीएम की साख को लेकर फिर मचा राजनीतिक घमासान, अखिलेश यादव ने ईवीएम की भूमिका पर उठाए सवाल

ईवीएम की साख को लेकर फिर मचा राजनीतिक घमासान, अखिलेश यादव ने ईवीएम की भूमिका पर उठाए सवाल



लखनऊ। लोकसभा चुनाव को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर एक बार फिर राजनीतिक घमासान तेज होता नजर आ रहा है। प्रमुख विपक्षी दलों ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करते हुए मांग की है कि, चुनाव मत पत्रों से ही कराया जाना चाहिए।

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष के अखिलेश यादव ने ईवीएम की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सब कुछ ठीक है, तो जापान जैसे विकसित देश इस मशीन का इस्तेमाल क्यों नहीं करते ? उन्होंने कहा कि हैकिंग का दावा करने वालों की राय को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि साइबर विशेषज्ञ के चुनावों में धांधली के दावे ने विवाद को और भी गहरा और षड्यंत्रकारी बना दिया है। उन्होंने मत पत्रों से मतदान की मांग दोहराई और कहा कि लोकतंत्र के हित में मतपत्रों से चुनाव कराया जाना चाहिए। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के अध्यक्ष शिवपाल यादव ने कहा कि ईवीएम से चुनाव नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह मशीन अब अविश्वसनीयता के घेरे में आ गई है।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने विवाद को कांग्रेस की देन बताया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस देश के प्रमुख संस्थानों की विश्वसनीयता खत्म कर देना चाहती है। इसी वजह से वह चुनाव आयोग पर उंगली उठाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कटाक्ष किया कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए गए।


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