भय्यू महाराज सुसाइड केसः 220 दिन चली जांच, सवा सौ से हुई पूछताछ

भय्यू महाराज सुसाइड केसः 220 दिन चली जांच, सवा सौ से हुई पूछताछ



इंदौर। भय्यू महाराज सुसाइड केस में आखिरकार पुलिस ने विनायक पिता काशीनाथ दुधाडे (42) निवासी लोनिहवेली तहसील पारनेर जिला अहमद नगर महाराष्ट्र हाल मुकाम एफ 61/1 लवकुश आवास विहार सुखलिया इंदौर, शरद वंसतराव पिता वंसतराव भास्करराव (34) निवासी निबा तहसील बालापुर जिला अकोला और पलक पुराणिक पिता गोपाल पुराणिक (25) सुदामा नगर इंदौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने, षडय़ंत्र करने और वसूली का केस दर्ज किया है। हालांकि केस दर्ज करने के लिए पुलिस की जांच 220 दिन चली, इसमें करीब सवा सौ लोगों से पूछताछ हुई और 28 लोगों के बयान दर्ज किए गए। जांच में पता चला कि इन तीनों ने ही महाराज को खुदकुशी के लिए मजबूर किया था। तीनों ने उन्हें इतना प्रताडि़त किया कि खुद को गोली मार ली।

भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में शनिवार को पुलिस ने खुलासा किया। पुलिस का दावा है कि महाराज को सुसाइड के लिए पलक, सेवादार विनायक दुधाले और शरद देशमुख ने ही मजबूर किया था। इन्होंने पलक के साथ बातचीत के महाराज के कुछ चैट सेव कर रखे थे। साथ ही सीडी भी बना रखी थी। इनके जरिए ये उन्हें ब्लैकमेल करते थे। दुष्कर्म मामले में दाती महाराज का केस सामने आने के बाद भय्यू महाराज बहुत विचलित थे। इसी का फायदा उठाकर पलक ने उन्हें धमकी दी थी कि शादी करो नहीं तो आपका भी ऐसा ही हाल होगा।

ऐसे बदली जांच की दिशा

डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्रा ने शनिवार को बताया कि शुरू में भय्यू महाराज के सुसाइड नोट को आधार मानकर जांच की जा रही थी। लेकिन ड्राइवर कैलाश पाटिल द्वारा महाराज के वकील निवेश बडज़ात्या से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का पता लगने के बाद जांच की दिशा बदल गई। पुलिस ने इस मामले में कुल 125 लोगों ने पूछताछ और 28 लोगों के बयान दर्ज किए। जांच में यह बात समाने आई कि पलक, विनायक और शरद भय्यू महाराज को काफी समय से ब्लैकमेल कर रहे थे। महाराज की पहली पत्नी माधवी की मौत के बाद बतौर केयर टेकर पलक की एंट्री हुई थी। विनायक और शरद ने पलक को महाराज से नजदीकी बनाने को कहा। धीरे-धीरे वो अपने मंसूबे पर कामयाब हो गए।

दिया था अल्टीमेटम

पुलिस ने बताया कि महाराज ने आयुषी से 17 अप्रैल 2017 को दूसरी शादी की थी। इसका पता लगते ही पलक दोनों साथियों के साथ पहुंची थी और हंगामा किया। उसने महाराज को उससे शादी करने को कहा था, इसके लिए 16 जून की तारीख शादी दी थी। पलक का अल्टीमेटम खत्म होने से पहले 12 जून को महाराज ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

बना रही थी दबाव

पुलिस ने बताया कि दाती महाराज पर युवती के आरोप वाली खबर के बाद भय्यू महाराज विचलित हो गए। वहीं, दूसरी तरफ इस खबर के आने के बाद पलक, विनायक और शरद महाराज पर हावी हो गए। पलक शादी के लिए दबाव बना रही थी, वहीं विनायक और शरद उनसे रुपए ऐंठने में लगे थे। महाराज स्वास्थ्य कारणों से कुछ दवाईयां ले रहे थे। ये लोग उन्हें ऐसी दवाएं दे रहे थे, जिससे उनका मानसिक संतुलन बिगड़ रहा था।

पाटिल के पकड़ाने के बाद हुए खुलासे

महाराज की मौत को लेकर सबसे पहले मामले की जांच सीएसपी आजाद नगर संध्या राय ने शुरू की। इसके बाद जांच उनसे लेकर सीएसपी मनोज रत्नाकर को दी गई। यहां तक तो मामला बेटी कुहू और डॉ. आयुषी के बीच पारिवारिक विवाद का बताकर दबा दिया गया। पांच करोड़ के लिए वकील निवेश बडज़ात्या को धमकाने में पकड़ाए ड्राइवर कैलाश पाटील के खुलास के बाद जांच फिर शुरू हुई। सीएसपी एसएस तोमर ने जांच शुरू की। फिर प्रशिक्षु आईपीएस आगम जैन ने जांच की उनके साथ आईपीएस अंकित जायसवाल भी थे। फिर जांच एएसपी प्रशांत चौबे ने की और अंत में इसमें डीएसपी पल्लवी शुक्ला भी शामिल हो गई।


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