आईएसआई के तीन शार्प शूटर गिरफ्तार, दो नेता और आरएसएस पदाधिकारी थे निशाने पर

आईएसआई के तीन शार्प शूटर गिरफ्तार, दो नेता और आरएसएस पदाधिकारी थे निशाने पर


नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खुफिया सूचना पर आईएसआई के तीन शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है, जो गणतंत्र दिवस से पूर्व दक्षिण भारत के कुछ नेताओं व आरएसएस के पदाधिकारियों को निशाना बनाने की नापाक साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपितों में से दो को दिल्ली के साकेत इलाके में दबोचा गया, जबकि एक को केरल से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर इनके पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। इनके कब्जे से पुलिस ने दो पिस्तौल व छह कारतूस बरामद किए हैं।

रसूल खान उर्फ पट्टी है मास्टर माइंड

गिरफ्तार लोगों में एक वह संदिग्ध भी शामिल है जो सीमापार में हमला करने व हथियार चलाने की ट्रेनिंग ले चुका। इस ऑपरेशन के मास्टर माइंड की भी पहचान हो गई है। मास्टर माइंड पाकिस्तान का अंडरवल्र्ड डॉन रसूल खान उर्फ पट्टी है। जबकि गिरफ्तार आरोपितों में अफगान निवासी वली मोहम्मद सबैफी, शेख रियाजुद्दीन उर्फ राजा उर्फ आलामी और मुहतासिम सीएम उर्फ थस्लीम शामिल हैं।

वली मोहम्मद अफगानिस्तान के मुजार-ए-शरीफ का रहने वाला है। शेख रियाजुद्दीन दिल्ली के मदनगीर, डीडीए फ्लैट का रहने वाला है। जबकि मुहतासिम केरल के कासरगौड का रहने वाला है।

कौन है रसूल खन उर्फ पट्टी

रसूल खान अंडरवर्ल्ड के बड़े डॉन में से एक है। वह वर्ष-2003 में गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या की हत्या का मुख्य षड्यंत्रकारी था। इसके अलावा गुजरात व केरल के भी करीब आधा दर्जन मामलों में उसका नाम आया था। हालांकि सीमापार से ऑपरेशन को अंजाम देने के कारण एजेंसियां उससे जुड़े सबूत एकत्र नहीं कर सकीं।

रसूल ने सीएम उर्फ थस्लीम के जरिए नेटवर्क खड़ा किया। ऐसे में जब थस्लीम और वली की गिरफ्तारी को बाद हुई पूछताछ के दौरान रसूल के बारे में जानकारी मिली। पुलिस को आरोपितों के पास से तीन फोन सहित कुछ अन्य सामान बरामद हुए हैं, जिसकी जांच कर इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

कैसे बना यह नेटवर्क

आरोपित वली मोहम्मद की मुलाकात आरोपित सीएम उर्फ थस्लीम से 2016 में दुबई में हुई थी, तभी से दोनों एक दूसरे के संपर्क में थे। वह अब्दुल्ला नाम के एक अफगानी मूल के बदमाश के जरिए तीसरे गिरफ्तार आरोपित रियाजुद्दीन के संपर्क में आया। दरअसल रियाजुद्दीन से अफगानी अब्दुल्ला की मुलाकात तिहाड़ में हुई थी।

अब्दुल्ला उस वक्त हत्या के एक मामले में जेल में बंद था। वहीं रियाज उड़ीसा से काम की तलाश में दिल्ली आया था, उस पर चोरी व अन्य घटनाओं समेत छह मामलों में शामिल होने का आरोप है। वहीं सीएम उर्फ थस्लीम पर पुलिस के मुताबिक आठ आपराधिक केस दर्ज हैं। वह मुंबई में कुछ दिन रहने के बाद वर्ष 1999 में दुबई चला गया था। वहां वह शराब का कारोबार करता है। उसे रसूल के नेटवर्क के सबसे करीबी लोगों में माना जाता है।

ऐसे खुला इस साजिश का राज

आईएसआई के शार्प शूटरों द्वारा रची जा रही इस साजिश का खुलासा खुफिया इकाइयों को मिली सूचना के बाद हुआ। दरअसल खुफिया इकाइयों को यह सूचना मिली थी कि रसूल अपने केरल के नेटवर्क से जुड़े एक संदिग्ध से बातचीत कर रहा है, तभी खुफिया इकाइयां सक्रिय हुईं और उन्होंने इसकी जानकारी स्पेशल सेल को दी। इस नेटवर्क पर स्पेशल की टीम तभी से नजर रखे हुए थी। पिछले ढाई महीने से इस नेटवर्क पर स्पेशल सेल की नजर थी।

जांच के दौरान सेल की टीम को इनमें से दो मोहम्मद सबैफी और शेख रियाजुद्दीन उर्फ राजा उर्फ की लोकेशन दिल्ली के साकेत में मिली तो इन दोनों को दबोच लिया गया। इसके बाद तीसरे आरोपित सीएम उर्फ थस्लीम को इनकी सूचना पर केरल से दबोचा गया।

गिरफ्तार हुए शार्प शूटर कहां-कहां के

गिरफ्तार हुए तीन लोगों में एक अफगानिस्तानी नागरिक है, जिसका नाम वली मोहम्मद सबैफी है, उसके पिता का नाम सबीर है। वह अफगानिस्तान के मज़ार-ए-शरीफ का रहने वाला है। दूसरे की पहचान शेख रियाजुद्दीन उर्फ राजा उर्फ अलामी के रूप में हुई, जो दिल्ली के मदनगीर में गली नंबर-22, में रहता है। तीसरा गिरफ्तार व्यक्ति मोहतासिम सीएम उर्फ थस्लीम केरल के कासरगोड का रहने वाला है।


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