दिल्ली: सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ने भेजें राजनेता और अधिकारी: सत्यपाल सिंह

दिल्ली: सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ने भेजें राजनेता और अधिकारी: सत्यपाल सिंह



नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ने गुरुवार को देश के सभी सरकारी अफसरों और नेताओं से आह्वान किया कि वह सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की हालत सुधारने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें।

सत्यपाल सिंह ने जनकपुरी स्थित सूरजमल स्मारक शिक्षा संस्था की ओर से 'ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा: वर्तमान स्थिति, चुनौतियां एवं समाधान' विषय पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि यह तभी संभव हो पाएगा जब अधिकारी, नेता, प्रभावी और ऊंचे पदों पर बैठे लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढाएंगे और अपने परिजनों का इलाज सरकारी अस्पतालों में कराएंगे। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में स्थानीय अफसरों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं, जिससे वहां का इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर हुआ है। इसके अलावा, इन स्कूलों का परीक्षा परिणाम भी शत-प्रतिशत रहता है।

केन्द्रीय मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में ड्यूटी से नदारद रहने वाले शिक्षकों के रवैये पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे शिक्षक अपनी जगह दूसरे लोगों को कम वेतन पर जिम्मेदारी सौंप गायब रहते हैं। उत्तर प्रदेश में ऐसे शिक्षकों पर राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री औचक निरीक्षण कर कार्रवाई कर रहे हैं। इससे स्थिति में सुधार भी हो रहा है। उन्होंने संस्था की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों पर कराए गई सर्वे रिपोर्ट की पुस्तिका का भी विमोचन किया।

राष्ट्रीय गोष्ठी समिति के अध्यक्ष कप्तान सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ने का कारण रोजगारपरक शिक्षा नहीं मिल पाना है।

गोष्ठी में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) के पूर्व चेयरमैन प्रो. वेद प्रकाश, प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व निदेशक कर्नल सिंह, विचार गोष्ठी समिति के अध्यक्ष कप्तान सिंह ने भी ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की स्थिति पर अपने विचार रखे। इस मौके पर सूरजमल स्मारक शिक्षा संस्था के अध्यक्ष एसपी सिंह, सचिव अजीत सिंह, विचार गोष्ठी समिति के संयोजक एसएस सोलंकी के अलावा संस्था सदस्य अजय कुमार भी मौजूद रहे।

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