महाराष्ट्र में डांस बार को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी..डांसरों पर पैसे नहीं उछाले जा सकेंगे लेकिन टिप दी जा सकती है

महाराष्ट्र में डांस बार को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी..डांसरों पर पैसे नहीं उछाले जा सकेंगे लेकिन टिप दी जा सकती है


, शाम 6.30 बजे से रात 11.30 तक ही खुलेंगे डांस बार

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में डांस बार फिर खुल सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने ने शर्तों में बदलाव करते हुए कहा है कि अश्लील डांस नहीं होंगे। कोर्ट ने डांस एरिया अलग करने की शर्त हटा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि डांसरों पर पैसे नहीं उछाले जा सकते हैं। टिप दी जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल और धार्मिक स्थान से एक किलोमीटर की दूरी की शर्त को अतार्किक कहते हुए कहा कि तर्कसंगत दूरी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डांस बार सिर्फ शाम 6.30 बजे से रात 11.30 तक ही खुलेंगे। वहां शराब परोसी जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डांस बार एरिया और ग्राहकों के बीच दीवार नहीं होगी। सरकार ने नियम तय किया था कि बार में 3 फुट ऊंची दीवार बनाई जाए, जिससे ग्राहक डांस तो देखें मगर उन तक जा न सकें।

कोर्ट ने कहा कि डांसर और मालिक के बीच वेतन फिक्स करना सही नहीं। ये अधिकार सरकार का नहीं बल्कि मालिक और डांसर के बीच आपसी कॉन्ट्रैक्ट का मामला है। कोर्ट ने डांस बार में सीसीटीवी लगाने के नियम को भी खारिज किया।

इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस एके सिकरी ने कहा था कि अब समय बदल गया है। अश्लीलता के भी मायने बदल गए हैं। पहले फिल्मकार लव मेकिंग सीन में दो फूल या दो चिड़ियों को चहचहाते हुए दिखाते थे।

15 मई 2018 को डांस बार मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर कर कहा था कि कोर्ट के आदेश से डांस बार पर रोक हट जाने के बाद भी महाराष्ट्र सरकार डांस बार के लाइसेंस रिन्यू नहीं कर रही है।

28 मार्च 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से लाइसेंस देने की प्रक्रिया के बारे में पूछा था। कोर्ट ने कहा था कि डांस बारों के लाइसेंस जारी नहीं करने की क्या वजह है, इसका भी हलफनामे में जिक्र करें।

डांस बार मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उनका लाइसेंस रिनुवल नहीं हो रहा है और नए लाइसेंस भी नहीं मिल रहे हैं।

इंडियन बार गर्ल्स एसोसियेशन ने महाराष्ट्र सरकार के नए एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि बार में सीसीटीवी कैमरे जरुर होने चाहिए क्योंकि वहां अपराधी प्रवृत्ति के लोगों का आना-जाना होता है। महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि 21 साल से कम के लोगों को बार में जाने की अनुमति नहीं होगी क्योंकि बार में उनके बिगड़ने की संभावना ज्यादा होती है। महाराष्ट्र ने कहा था कि बार में कोई प्रशिक्षित डांसर नहीं होता| इसलिए वहां अश्लीलता की संभावना ज्यादा रहती है।

पहले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की इस बात के लिए आलोचना की थी कि उन्होंने डांस बार में शराब परोसने पर प्रतिबंध लगाया है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा था कि वह राज्य में शराब पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाती ? कोर्ट ने डांस बार में सीसीटीवी लगाने पर भी नाराजगी जताई थी और कहा था कि इससे डांस बार जाने वालों की निजता का हनन हो सकता है।


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