मेघालय कोल हादसाः नेवी ने 210 फीट नीचे खदान में एक बॉडी को किया डिटेक्ट

मेघालय कोल हादसाः नेवी ने 210 फीट नीचे खदान में एक बॉडी को किया डिटेक्ट


शिलांग। मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में हुए कोयला खदान हादसे के बाद से राहत व बचाव कार्य चला रही एजेंसियों में नौसेना को हादसे के 36 दिन बाद पहली बार एक आशा की किरण नजर आई है। नौसेना के अंडर वाटर रिमोटली आपरेटेड वेहिकल (यूडब्ल्यूआरओवी) के जरिए 210 फीट गहरे खदान के अंदर एक रेट माइन में एक डेड बॉडी को डिटेक्ट किया गया है। प्रथम एनडीआरएफ बटालियन के सूत्रों ने गुरुवार की सुबह हिन्दुस्थान समाचार को बताया है कि नौसेना के यूडब्ल्यूआरओवी ने बुधवार की देर शाम लगभग 6.30 बजे के आसपास बॉडी को डिटेक्ट किया। रात 08 बजे तक नौसेना ने अपना अभियान जारी रखा।

सूत्रों ने बताया है कि गुरुवार की सुबह लगभग 10 बजे से पुनः एक बार नौसेना यूडब्ल्यूआरओवी की मदद से रेट हॉल में डिटेक्ट हुए बॉडी को बाहर निकालने की कोशिश शुरू करेगी। ज्ञात हो कि इतनी गहराई में कोई गोताखोर गोता नहीं लगा सकता है। इंसानी शरीर पानी के भारी दबाव को इतनी गहराई में बर्दाश्त नहीं कर सकता है।

उल्लेखनीय है कि मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिला के साइपुंग थानांतर्गत कसान गांव में स्थित एक कोयले की अवैध खान में अचानक पानी भर जाने से खान में अंदर कोयला खोद रहे 15 श्रमिक गत 13 दिसम्बर से फंसे हुए हैं।

ज्ञात हो कि जिस स्थान पर श्रमिक फंसे हैं, वहां पर लगभग 100 से अधिक खदान हैं। इसके अलावा खदान के पास लगभग 500 मीटर की दूरी होकर बहने वाली लाइटेन नदी का पानी भी खदान में आने की संभावना जताई गई है। इसकी वजह से हादसे वाले खदान के पानी का स्तर कम नहीं हो रहा है। मौके पर नौसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, ओडिशा अग्निशमन विभाग, कोल इंडिया लिमिटेड, किर्लोस्कर कंपनी के साथ ही जर्मनी की एक कंपनी।


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