अयोध्या में भव्य राम मंदिर की तमन्ना दिल में ही लिये चले गये डालमिया

अयोध्या में भव्य राम मंदिर की तमन्ना दिल में ही लिये चले गये डालमिया


मथुरा। मंदिरो के जीर्णोद्धार,समाजसेवा और गौसेवा में जीवन व्यतीत करने वाले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु हरि डालमिया चाहते थे कि उनके जीते जी अयोध्या में विवादित स्थल पर भव्य राम मंदिर निर्माण का निर्माण हो लेकिन वयोवृद्ध विहिप नेता की यह तमन्ना पूरी नहीं हो सकी।

श्री डालमिया का बुधवार सुबह उनके गोल्फ लिंक दिल्ली स्थित निवास पर निधन हो गया। वे 91 वर्ष के थे।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि वे लगभग एक माह से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर स्थित मंदिरों के जीर्णोद्धार कराने एवं भागवत भवन के निर्माण में अपने पिता जय दयाल डालमिया के साथ महत्वपूर्ण योगदान किया।

उन्होंने बताया कि गोसेवा उनका परम धर्म था, इसी कारण उन्होंने न केवल श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में गोशाला की स्थापना की बल्कि ब्रज एवं ब्रज के बाहर कई गोशालाओं में समय समय पर आर्थिक मदद भी की। मथुरा में गायों के मर जाने के बाद उनकी दुर्दशा से आहत डालमिया ने गायों के अंतिम संस्कार के लिए एक अलग से प्रकल्प शुरू किया था जिसमें गायों के निधन की सूचना पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान से वाहन उस स्थान तक जाता है और फिर वहां से गाय के पार्थिव शरीर को लाकर उसे भूसमाधि दी जाती है।

मानव सेवा तो जैसे उनका धर्म था इसी कारण उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान में आयुर्वेदिक अस्पताल की स्थापना कराई जिससे आज सैकड़ों लोग रोज लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उनकी अंतिम इच्छा अयोध्या में उस भूमि पर एक भव्य राम मंदिर बनवाने की थी जहां पर भगवान राम ने जन्म लिया था। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद के आंदोलन के माध्यम से उन्होंने विभिन्न सरकारों पर दबाव भी बऩाया तथा मंदिर आंदोलन की अगुवाई भी की लेकिन नियति को शायद यह मंजूर न था और उनकी यह इच्छा उनके जीवनकाल में पूरी नही हो सकी।


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