छत्रपति हत्याकांड: सीबीआई कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी राम रहीम की पेशी, 17 को सुनायी जायेगी सजा

छत्रपति हत्याकांड: सीबीआई कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी राम रहीम की पेशी, 17 को सुनायी जायेगी सजा



चंडीगढ़। पत्रकार रामचन्द्र छत्रपति की हत्या में दोषी ठहराया गया डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह राम-रहीम को 17 जनवरी को विशेष सीबीआई कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी होगी । कोर्ट द्वारा राम-रहीम के साथ तीन अन्य दोषियों को सजा सुनाई जाएगी ।

बुधवार को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने पत्रकार रामचंद्र छ्त्रपति हत्या मामला में हरियाणा सरकार को बड़ी राहत प्रदान की है। कोर्ट में हरियाणा सरकार ने 15 जनवरी को इसके लिए याचिका दायर की थी कि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में दोषी ठहराये गए गुरमीत सिंह राम-रहीम की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही किया जाए। क्योंकि गुरमीत सिंह राम-रहीम वर्तमान समय में साध्वियों के यौन शोषण मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में बीस साल की सजा काट रहा है। जब अगस्त' 2018 में साध्वियों के यौन शोषण मामले में गुरमीत सिंह राम-रहीम को दोषी ठहराया गया था। तब डेरा समर्थकों ने पंचकूला में जमकर उत्पात मचाया था। इस दौरान दर्जनों डेरा समर्थकों की मौत हो गयी थी।

ऐसे ही हालात के मद्देनजर सुरक्षा के कारणों के चलते पंचकूला के जिला अटर्नी द्वारा सरकार की तरफ से याचिका कोर्ट में लगायी गयी थी, जिस पर बुधवार को सुनवाई करते हुए विशेष सीबीआई की अदालत ने 17 जनवरी को गुरमीत सिंह राम-रहीम को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही पेशी की इजाजत दे दी है। राम-रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया जायेगा। राम-रहीम को 11 जनवरी को पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में दोषी ठहराये जाने के वक्त भी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से पेश किया गया था।

गौरतलब है कि 11 जनवरी को पंचकूला स्थित हरियाणा की विशेष सीबीआई कोर्ट ने सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम-रहीम, कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को दोषी करार दिया था, जिसमें चारों आरोपितों गुरमीत राम-रहीम , कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को आईपीसी की धारा 302 और आईपीसी की धारा 120बी के तहत दोषी करार दिया गया है। जबकि आरोपित कृष्ण लाल को 1959 आर्म्स एक्ट के सेक्शन 29 के तहत भी दोषी करार दिया गया है। साथ ही आरोपित निर्मल सिंह को 1959 आर्म्स एक्ट के सेक्शन 25 के तहत भी दोषी करार दिया गया है।


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