राहुल का बिहार व उ.प्र. पर फोकस, 03 फरवरी को पटना व 15 को वाराणसी में करेंगे बड़ी रैली

राहुल का बिहार व उ.प्र. पर फोकस, 03 फरवरी को पटना व 15 को वाराणसी में करेंगे बड़ी रैली



नई दिल्ली। जिस तरह भाजपा के लिए उ.प्र. व बिहार जीवन-मरण का प्रश्न बन गया है, उसी तरह से कांग्रेस के लिए भी बन गया है। सो दोनों के आका इन राज्यों पर सबसे अधिक ध्यान केन्द्रीत कर दिये हैं। इन दोनों राज्य में अपने पांव जमाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हर तरह के उपक्रम शुरू कर दिये हैं। इसके लिए उन्होंने दिल्ली में बीते सप्ताह हर राज्यों के पदाधिकारियों की एक बैठक बुलाई थी। उसमें सभी राज्यों के राजनीतिक हालात और कांग्रेस की स्थिति के बारे में फीडबैक लिया गया। उसके आधार पर राहुल गांधी ने उ.प्र. में 13 और बिहार में 8 रैली करने का निर्णय किया है। फिलहाल जो कार्यक्रम तय हुआ है, उसके अनुसार राहुल गांधी 03 फरवरी को बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में बड़ी रैली करेंगे। इसके लिए बिहार प्रदेश के पदाधिकारियों को तैयारी करने का निर्देश दे दिया गया है। कांग्रेस महासचिव शक्ति सिंह गोहिल के अनुसार इस रैली के लिए राज्य के हर जिले, तहसील, ब्लाक व ग्राम से पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया जा रहा है। कोशिश गांधी मैदान को राहुल गांधी की इस रैली को ऐतिहासिक बनाने की है। इसके लिए अभी से संपर्क शुरू कर दिया गया है। वरिष्ठ पत्रकार मनोज का कहना है कि कांग्रेस ने 2014 में बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 02 जीती थी। कांग्रेस की तरह ही अलग-अलग लड़े राजद को 04, जदयू को 02 सीटें मिली थी। राकांपा को एक सीट मिली थी। राकांपा से अलग होकर तारिक अनवर कांग्रेस में वापस आ गये हैं। वह इस बार ( 2019 लोकसभा चुनाव) भी कटिहार संसदीय क्षेत्र से लड़ेंगे। 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए राजद, कांग्रेस, रालोसपा, लोजद, हम का गठबंधन हो गया है। इसमें बसपा भी शामिल हो सकती है। यह होने पर यह गठबंधन भाजपा, जदयू, लोजपा के गठबंधन एनडीए को इस लोकसभा चुनाव में भारी नुकसान पहुंचाएगा,ऐसा अनुमान है। इस तरह राजद व अन्य दलों से गठबंधन करके लड़ने के कारण बिहार में इस बार कांग्रेस की सीटें कुछ तो बढ़ेंगी, लेकिन इसके लिए भी खुद राहुल गांधी व उनके पदाधिकारियों को बहुत मेहनत करना पड़ेगा।

जहां तक उ.प्र. का सवाल है, एआईसीसी सदस्य अनिल श्रीवास्तव का कहना है कि यहां राहुल गांधी का पांचवां चुनाव अभियान शुरू होने वाला है। वह 15 फरवरी को वाराणसी आ सकते हैं। यहां उनकी एक बड़ी रैली होने वाली है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष का दौरा अमेठी में भी होने वाला है। प्रदेश में पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है| इसलिए राज्य में उनके सघन दौरे की तैयारी की जा रही है। इस बारे में उ.प्र. के वरिष्ठ पत्रकार नवेन्दु का कहना है कि कांग्रेस ने 2009 के लोकसभा चुनाव में उ.प्र. में 80 में से 22 सीटें जीती थी। जो कि 2014 के लोकसभा चुनाव में घटकर 02 हो गई। इसे 2019 के लोकसभा चुनाव में बढ़ाकर दहाई में ले जाना राहुल के लिए पहाड़ पर चढ़ने की तरह है। इसके लिए उनको और पूरी कांग्रेस को एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा।


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