भीमा-कोरेगांव हिंसा मामला : आनंद तेलतुंबे के खिलाफ एफआईआर रद्द करने से इनकार

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामला : आनंद तेलतुंबे के खिलाफ एफआईआर रद्द करने से इनकार



-हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने तेलतुंबे को गिरफ्तारी से 4 हफ्ते की अंतरिम राहत दे दी

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले के आरोपी आनंद तेलतुंबे के खिलाफ एफआईआर रद्द करने से मना कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच लगातार विस्तृत होती जा रही है। ऐसे में हम अभी इसमें बाधा नहीं डाल सकते। कोर्ट ने तेलतुंबे को गिरफ्तारी से 4 हफ्ते की अंतरिम राहत दे दी है।

पुणे पुलिस के मुताबिक आनंद तेलतुंबे के माओवादियों से तार जुड़े हैं| इसी आरोप में उनके ख़िलाफ केस दर्ज़ किया गया है| आनंद तेलतुंबड़े के भाई मिलिंद तेलतुंबड़े प्रतिबंधित पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के वरिष्ठ सदस्य हैं और दलित विचारक माने जाते हैं।

पुणे पुलिस ने जून 2018 में माओवादियों के साथ कथित संपर्कों को लेकर वकील सुरेंद्र गाडलिंग, नागपुर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर शोमा सेन, दलित कार्यकर्ता सुधीर धवले, कार्यकर्ता महेश राउत और केरल निवासी रोना विल्सन को जून में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया था।

पुणे में 31 दिसंबर 2017 को यलगार परिषद के सम्मेलन के सिलसिले में इन कार्यकर्ताओं के दफ्तरों और घरों पर छापेमारी के बाद यह गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस का दावा था कि इसकी वजह से अगले दिन भीमा-कोरेगांव हिंसा हुई।


Share it
Top