लखनऊ के एक होटल में एक बार फिर बिछी राजनीति की नई बिसात, धुर विरोधी दलों ने ढाई दशक बाद एक बार फिर मंच साझा किया

लखनऊ के एक होटल में एक बार फिर बिछी राजनीति की नई बिसात, धुर विरोधी दलों ने ढाई दशक बाद एक बार फिर मंच साझा किया



लखनऊ ।"राजनीति में कोई किसी का सगा या हमेशा विरोधी नहीं होता" की कहावत उस समय सच साबित हुई जब राजधानी लखनऊ के एक होटल में शनिवार को उत्तर प्रदेश की राजनीति के धुर विरोधी दलों ने ढाई दशक बाद एक बार फिर मंच साझा करके गठबंधन का ऐलान किया।

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के विजय रथ को रोकने के लिये प्रदेश की दो बड़ी राजनीतिक पार्टियों ने शनिवार को यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में एक साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

लखनऊ के इसी होटल मेें उत्तर प्रदेश में हुये राज्य विधानसभा चुनाव से पूर्व 29 जनवरी 2017 को अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने "यूपी के लड़के और "यूपी को यह साथ पसंद है" नारे के साथ गठबंधन का ऐलान किया था। राजधानी के इसी होटल में लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर धुर विरोधी रहे बहुजन समाज पार्टी(बसपा) और सपा ने महागठबंधन का ऐलान किया है। दोनों पार्टियां लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगी। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप ]

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