सुप्रीम कोर्ट से गुजरात सरकार को झटका, पुलिस मुठभेड़ की एसटीएफ जांच रिपोर्ट बीजी वर्गीज और जावेद अख्तर को सौंपने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट से गुजरात सरकार को झटका, पुलिस मुठभेड़ की एसटीएफ जांच रिपोर्ट बीजी वर्गीज और जावेद अख्तर को सौंपने का आदेश



वर्ष 2002-2006 में हुए 16 पुलिस मुठभेड़ की एसटीएफ जांच रिपोर्ट याचिकाकर्ता बीजी वर्गीज और जावेद अख्तर को सौंपने का आदेश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को झटका देते हुए 2002-2006 में हुए 16 पुलिस मुठभेड़ की एसटीएफ जांच रिपोर्ट याचिकाकर्ता बीजी वर्गीज और जावेद अख्तर को सौंपने का आदेश दिया है। रिटायर्ड जस्टिस एचएस बेदी की अगुवाई में बने एसटीएफ की रिपोर्ट गुजरात सरकार को भी दी जाएगी। एसटीएफ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामलों को देखा था। इस मामले पर अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी।

गुजरात सरकार का कहना था कि रिपोर्ट को गोपनीय रखा जाना चाहिए वरना याचिकाकर्ता इसे भी सार्वजनिक मसला बनायेंगे। कोर्ट ने रिपोर्ट को लेकर गुजरात सरकार और याचिकाकर्ताओं को चार हफ़्ते के अंदर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। उसके बाद कोर्ट रिपोर्ट पर गौर करेगा।

12 दिसंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस एच एस बेदी से पूछा था कि क्या उन्होंने कोर्ट में रिपोर्ट देने से पहले कमिटी के बाकी सदस्यों से राय ली? गुजरात सरकार का कहना था कि जस्टिस बेदी ने कमेटी के बाकी सदस्यों से राय किए बिना ही रिपोर्ट जमा कर दी। बेदी ने फरवरी 2018 में रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। जस्टिस बेदी 24 मुठभेड़ों की जांच करनेवाली एसआईटी की कमेटी के प्रमुख थे।

पत्रकार बी जी वर्गीज़ और गीतकार जावेद अख्तर ने इन मुठभेड़ों की सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच करने की मांग की है। दोनों याचिकाकर्ताओं ने जस्टिस बेदी कमेटी की रिपोर्ट सौंपे जाने की मांग की है। गुजरात सरकार इसका विरोध कर रही है। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप ]


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