रॉबर्ड वाड्रा के निकट सहयोगी मनोज अरोड़ा के खिलाफ ओपन एंडेड गैर जमानती वारंट जारी करने पर फैसला रिजर्व

रॉबर्ड वाड्रा के निकट सहयोगी मनोज अरोड़ा के खिलाफ ओपन एंडेड गैर जमानती वारंट जारी करने पर फैसला रिजर्व


ईडी के मुताबिक वाड्रा की संपत्ति के लेन-देन में रहा है शामिल

नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ड वाड्रा के निकट सहयोगी मनोज अरोड़ा के खिलाफ ओपन एंडेड गैर जमानती वारंट जारी करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। पिछले 5 जनवरी को ईडी ने याचिका दायर की थी।

ईडी ने कोर्ट को बताया कि मनोज अरोड़ा को मनी लाउंड्रिंग के मामले में ईडी पूछताछ के लिए कई बार समन जारी कर चुका है लेकिन वे कभी भी ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए। ईडी ने कहा कि अरोड़ा वाड्रा की विदेश में अघोषित संपत्ति के बारे में जानता है| उसने इन संपत्तियों को हासिल करने के लिए धन मुहैया कराने में भूमिका निभाई थी। ओपन एंडेड गैर जमानती वारंट का मतलब होता है कि इसके तामील करने की समय सीमा या तिथि नहीं होती है।

ईडी के मुताबिक लंदन में वाड्रा की करीब 1.9 मिलियन ब्रिटिश पाउंड की संपत्ति के लिए दुबई से पैसे का इंतजाम किया गया था। लंदन की ये संपत्ति 12, ब्रायनस्टोन स्क्वायर में स्थित है। इस संपत्ति को संजय भंडारी ने 1.9 मिलियन ब्रिटिश पाउंड में खरीदी थी और उसे 2010 में 1.9 मिलियन ब्रिटिश पाउंड में ही बेच दी थी। जबकि भंडारी ने 65900 ब्रिटिश पाउंड इसके रेनोवेशन पर खर्च कर चुका है। इसका साफ मतलब है कि उस संपत्ति का असली मालिक भंडारी नहीं था बल्कि रेनोवेशन का खर्च वाड्रा ने वहन किया था।

ईडी के मुताबिक जब से उसने अरोड़ा के परिसर की तलाशी ली है वह फरार है। ईडी ने कहा कि उसे आशंका है कि अरोड़ा विदेश भाग गया है। इसलिए इंटरपोल के जरिये उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने के लिए ओपन एंडेड गैर जमानती वारंट जारी करने की जरुरत है।[रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप ]

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