तमिलनाडु सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, स्टरलाईट कॉपर कंपनी को दोबारा खोलने के एनजीटी के आदेश पर रोक लगाने से इनकार

तमिलनाडु सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, स्टरलाईट कॉपर कंपनी को दोबारा खोलने के एनजीटी के आदेश पर रोक लगाने से इनकार



नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के तूतीकोरिन में स्टरलाईट कॉपर कंपनी को दोबारा खोलने के एनजीटी के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। एनजीटी ने पिछले 15 दिसंबर को तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया था कि वो तीन हफ्ते के अंदर स्टरलाईट कंपनी को चलाने के लिए सहमति यानि कंसेंट टू आपरेट दे और सारी बाधाएं दूर करे। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि वो पर्यावरण संबंधी कानूनों का पालन करते हुए स्टरलाइट कंपनी को नुकसानदेह पदार्थों को नष्ट करने का अधिकार दे। एनजीटी ने फैक्ट्री के लिए बिजली आपूर्ति बहाल करने का आदेश दिया था। अदालत के इस फैसले से तमिलनाडु सरकार को तगड़ा झटका लगा है|

एनजीटी के इस आदेश के खिलाफ तमिलनाडु सरकार ने पिछले 2 जनवरी को स्टरलाईट कॉपर कंपनी को दोबारा चलाने के एनजीटी के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। तमिलनाडु सरकार ने अपनी याचिका में कहा था कि एनजीटी का आदेश गलत है| उसे वेदांता की याचिका पर फैक्ट्री को दोबारा खोलने का आदेश नहीं देना चाहिए था।

उसके बाद पिछले 3 जनवरी को स्टरलाईट कंपनी को खोलने में तमिलनाडु सरकार की ओर से बाधा खड़ी करने के खिलाफ स्टरलाइट कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

पिछले 28 नवंबर को एनजीटी द्वारा मामले पर विचार करने के लिए गठित कमेटी ने एनजीटी को दिए रिपोर्ट में तमिलनाडु सरकार के स्टरलाईट को सील करने के फैसले को गलत करार दिया था। मेघालय के पूर्व चीफ जस्टिस तरुण अग्रवाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि स्टरलाईट युनिट को बंद करने के लिए न तो नोटिस दिया गया था और न ही सीलिंग से पहले कंपनी को जवाब देने का मौका दिया गया। इस रिपोर्ट पर एनजीटी ने तमिलनाडु सरकार के फैसले को प्राकृतिक सिद्धांत के खिलाफ बताया था।

सुनवाई के दौरान स्टरलाईट की ओर से वकील सीए सुंदरम ने कहा था कि हम पहले दिन से ही स्टरलाईट कॉपर प्लांट को खोलने की मांग कर रहे हैं क्योंकि बंद करने का फैसला गलत है। उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु सरकार का प्लांट को बंद करने का फैसला पूरे तरीके से राजनीतिक फैसला था। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप ]


Share it
Top