मतदाता पहचान पत्र को आधार से लिंक करने की मांग पर जल्द सुनवाई से इनकार

मतदाता पहचान पत्र को आधार से लिंक करने की मांग पर जल्द सुनवाई से इनकार


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता पहचान पत्र को आधार से लिंक करने की मांग करनेवाली याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ता का कहना था कि ये काफी समय से लंबित है।

याचिकाकर्ता का कहना था कि आधार की वैधता पर फैसला आने के बाद इस पर जल्द सुनवाई की जानी चाहिए। याचिका में कहा गया है कि चुनाव के दौरान फर्जी मतदान को रोकने और ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को वोट डालने के लिए आधार आधारित मतदाता पहचान पत्र जरुरी है। याचिका में कहा गया है कि आधार के साथ फर्जीवाड़ा नहीं के बराबर है क्योंकि इससे लिंक करने के लिए बायोमेट्रिक डाटा की जरूरत होती है। इसलिए मतदाता पहचान पत्र को आधार से लिंक करने के लिए निर्वाचन आयोग को दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

याचिका में कहा गया है कि फर्जी मतदान संविधान की धारा 14, 325,326 का दो तरीके से उल्लंघन करती है। पहला यह कि ये स्वतंत्र मतदान करने के हमारे अधिकार का उल्लंघन करता है। यह एक मतदाता एक मत के सिद्धांत का भी उल्लंघन करता है। यह आम आदमी को निर्वाचित होने के अधिकार का भी उल्लंघन करता है।

याचिका में कहा गया है कि मतदान की वर्तमान प्रक्रिया कम पारदर्शी है। इस प्रक्रिया से मतदाता का वेरिफिकेशन सही से नहीं हो पाता है।

याचिका में चल और अचल संपत्ति को भी आधार से लिंक करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि अब ज्यादातर लोगों के पास आधार कार्ड है। अगर चल संपत्ति को आधार से लिंक किया गया तो आयकर विभाग को संपत्ति के असली मालिक का पता चल सकेगा। ऐसे में अगर वैध मालिक ये कहता है कि संपत्ति के बारे में उसे जानकारी नहीं है तो उस संपत्ति को बेनामी संपत्ति माना जाए। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप ]


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