रामगोपाल यादव बोले..सपा-बसपा के गठबंधन की आहट से सरकार ने किया 'तोते' सीबीआई से गठबंधन

रामगोपाल यादव बोले..सपा-बसपा के गठबंधन की आहट से सरकार ने किया तोते सीबीआई से गठबंधन



नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में रेत खनन घोटाले जुड़े मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की छापेमारी के बाद सोमवार को समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राज्यसभा में हंगामा किया और संसद में प्रेसवार्ता कर सरकार पर राज्य में गठबंधन की आहट बनती देख सीबीआई से गठबंधन करने का आरोप लगाया।

संसद परिसर में प्रेसवार्ता कर सपा सांसद रामगोपाल यादव ने बसपा सांसद सतीश चंद मिश्र और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के साथ पत्रकारों से बातचीत की। यादव ने आरोप लगाया कि सरकार अपने फायदे के लिए सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के बीच अभी गठबंधन का ऐलान भी नहीं हुआ है और सरकार ने तोते (सीबीआई) से गठबंधन शुरू कर दिया।

यादव ने कहा कि मामले की एफआईआर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम तक नहीं है। फिर भी उत्तरप्रदेश के एक मंत्री दिल्ली आकर प्रेसवार्ता कर सीबीआई से अखिलेश के खिलाफ जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह किस आधार पर इस निर्णय पर पहुंचे हैं? चेतावनी भरे स्वर में सपा नेता ने कहा कि सीबीआई अखिलेश तक पहुंची तो भाजपा को उत्तर प्रदेश में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बनारस छोड़ कर भागना पड़ेगा।

बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) के नेता सतीश चंद मिश्र ने कहा कि भाजपा के सहयोगी दल धीरे-धीरे उसे छोड़ रहे हैं। इसको देखते हुए वह अब वह सीबीआई से गठबंधन कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने सरकार के आवंटन से जुड़ी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। इसमें वह अधिकारी दोषी हो सकते हैं लेकिन उससे तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव किस प्रकार जिम्मेदार हो सकते हैं।

इस अवसर पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह किसी एक पार्टी का मुद्दा नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र का विषय है। विपक्ष को डराने- धमकाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस राफेल के साथ सीबीआई छापेमारी पर भी संसद में बहस चाहती है। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप ]

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की सपा सरकार के कार्याकाल में वर्ष 2012 से 2016 के बीच कथित खनन घोटाला मामले की सीबीआई इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर जांच कर रही है। खनन विभाग तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास था। इस संबंध में बुंदेलखण्ड में अवैध खनन के मामले में सीबीआई ने आईएएस अफसर बी. चंद्रकला समेत 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। सीबीआई ने शनिवार को लखनऊ में चंद्रकला के घर पर छापा भी मारा था। माना जा रहा है कि सीबीआई इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी पूछताछ कर सकती है।


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