मौरंग मामला: सीबीआई कर सकती है अखिलेश यादव से पूछताछ, आईएएस बी.चंद्रकला समेत कई फंसे, ग्यारह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

मौरंग मामला: सीबीआई कर सकती है अखिलेश यादव से पूछताछ, आईएएस बी.चंद्रकला समेत कई फंसे, ग्यारह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज


हमीरपुर। हमीरपुर जिले की तत्कालीन जिलाधिकारी बी.चन्द्रकला के कार्यकाल में धुआंधार मौरंग खनन का खेल चला। इसमें सत्तापक्ष से जुड़े नेताओं ने नियमों को ताक पर रखकर प्रतिबंधित मशीनों से मौरंग खनन किया था। माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी सीबीआई पूछताछ कर सकती है। अवैध खनन कर माफियाओं ने अटूट सम्पत्ति एकत्र की। इन माफियाओं को अखिलेश यादव की सरकार में एक कबीना मंत्री का आशीर्वाद भी मिला था।

2008 बैच की आईएएस बी.चन्द्रकला हमीरपुर जिले में 15 अप्रैल 2012 से लेकर 18 जून 2014 तक जिलाधिकारी के पद पर रही है। हाईकोर्ट में रिट दायर कर अवैध खनन की सीबीआई जांच कराने की मांग करने वाले हमीरपुर के अधिवक्ता विजय द्विवेदी ने शनिवार को बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी बी. बिना ई-टेडरिंग के ही पहले 49 मौरंग के पट्टे जारी किये थे। फिर 10 पट्टे और जारी कर दिये गये थे।

यह सभी पट्टे नियमों को ताक पर रखकर किये गये थे। हमीरपुर के मौदहा के मूल निवासी रमेश मिश्रा उन दिनों कबीना मंत्री गायत्री प्रजापति के बेहद करीबी थे। जो ज्यादातर मौरंग खदानों में कब्जा किये थे। उनके साथ कई पार्टनर भी शामिल थे। वहीं सत्येदव दीक्षित की पत्नी माया देवी व उनके पुत्र राकेश दीक्षित व अम्बरीश दीक्षित के अलावा हमीरपुर लोनिवि के लिपिक रामऔतार भी मौरंग खदानें चलाते रहे है। यहां रिटायर्ड होने के बाद वह उरई जालौन में रहने लगे और वहीं पर मौरंग के व्यवसाय में जुट गये। विजय द्विवेदी ने बताया कि सीबीआई को छापेमारी में रामऔतार बाबू के घर से दो करोड़ व कुछ किलो सोने के जेवरात मिले है।

हमीरपुर खनिज विभाग के रिटायर्ड लिपिक रामआसरे प्रजापति के घर पर भी छापेमारी में टीम को कुछ अहम जानकारी मिली है। जिस समय बी.चन्द्रकला यहां जिलाधिकारी थी, तब मुईनुद्दीन हमीरपुर के खान अधिकारी थे। इनकी भी अवैध खनन में भूमिका संदिग्ध पायी गयी थी। इस पर शनिवार को उनके घर पर भी छापेमारी कर सीबीआई टीम ने लाखों रुपये की नगदी और सोने के जेवरात बरामद किये हैं।

सीबीआई के जरिये करायी गयी एफआईआर में आईएएस बी.चन्द्रकला, खनिज अधिकारी मुईनुदीदीन, हमीरपुर के एमएलसी रमेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित, उनके पिता सत्येदव दीक्षित, पुत्र राकेश दीक्षित, रामऔतार बाबू, रामआसरे प्रजापति व अम्बिका दीक्षित समेत अन्य पट्टेदार शामिल हैं।

अक्सर सुर्खियों में रहीं बी. चंद्रकला

आईएएस बी.चन्द्रकला हमीरपुर ने जब हमीरपुर में जिलाधिकारी का चार्ज लिया तो उस समय उस समय गेहूं खरीद अभियान चल रहा था। उन्होंने पीसीएफ के जिला प्रबंधक समेत कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव के कार्यक्रम से पूर्व बारिश में सभास्थल पर मंच न तैयार करने पर लोनिवि के अधिशाषी अभियंता आरके तिवारी के खिलाफ शासन से कार्रवाई करायी थी। और तो और तत्कालीन एसपी रतन श्रीवास्तव के खिलाफ भी इस महिला आईएएस के कारण कार्रवाई हुयी थी। हमीरपुर में भी इनका कार्यकाल काफी सुर्खियों में रहा है। कुछ पत्रकार पर भी इस अधिकारी का कहर बरपा था।

किसी भी समय हो सकती है गिरफ्तारी

विजय एडवोकेट ने बताया कि सीबीआई की टीमें अभी भी जिले में है और छापेमारी की कार्रवाई के बाद ग्यारह लोगों के खिलाफ मामला भी लखनऊ में दर्ज हो गया है। अब आरोपितों की गिरफ्तारी किसी भी समय हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह मामला बहुत बड़ा है, इसमें तत्कालीन सपा की सरकार के मुखिया से भी सीबीआई पूछताछ कर सकती है। इधर हमीरपुर में सीबीआई की छापेमार कार्रवाई से मौरंग व्यवसायिओं में हड़कंप मचा हुआ है। कई मौरंग व्यवसायी इस कार्रवाई के बाद भूमिगत हो गये है। शनिवार को शाम भी सीबीआई टीम ने दोबारा संजय दीक्षित के यहां पहुंचकर पूछताछ की।

सीबीआई जांच से दो मौरंग व्यवसाईयों की हुयी थी मौत

हाईकोर्ट से अवैध खनन की जांच के आदेश होने के कुछ महीने बाद हमीरपुर में ज्वाला बाबू की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गयी थी। इनकी पत्नी के नाम मौरंग की खदानें चलती थी। सीबीआई टीम जब शुरू में यहां आयी थी तब मौरंग के पट्टा धारकों को तलब किया था। इसी के कारण ज्वाला बाबू की मौत हो गयी थी। इसके अलावा संजय दीक्षित के यहां मौरंग के सिंडीकेट का काम करने वाला विनीत पालीवाल ने भी सीबीआई की जांच के डर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप ]

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