युवक कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ने स्मृति से पूछा, यूपी से क्यों नहीं ली राज्यसभा की सदस्यता.?

युवक कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ने स्मृति से पूछा, यूपी से क्यों नहीं ली राज्यसभा की सदस्यता.?



अमेठी। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अपने एक दिवसीय दौरे पर अमेठी में शुक्रवार को कांग्रेस पर जबरदस्त प्रहार करती नजर आईं जिसके जवाब में उत्तर प्रदेश युवक कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश तिवारी ने स्मृति ईरानी से पूछा कि उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता यूपी से क्यों नहीं ली? अगर आप यूपी से राज्यसभा सांसद होती तो आपका एमपीएलएडी फंड अमेठी के विकास में भी काम आता। फिलहाल आप गुजरात से सांसद हैं लेकिन नजर अमेठी पर है।

युवक कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ने 10 बिन्दुओं पर केंद्रीय मंत्री से सवाल पूछे

1. पिछले 56 महीने से लगातार कैबिनेट मंत्री हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय समेत किसी भी मंत्रालय ने अमेठी में कितना रोजगार, स्वरोजगार, संस्थान या फैक्ट्री बनाई जिससे अमेठी के युवाओं को फायदा हुआ हो?

2. पिछले 56 महीनों में अमेठी से नैट्रिप, ट्रिपल आईआईटी शिक्षण संस्थान, हिन्दुस्तान पेपर मिल, मेगा फूड पार्क जैसे हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट अन्यत्र चले गये और आप चुप क्यों हैं?

3. राजीव गांधी पेट्रोलियम संस्थान का उद्घाटन हो या तिलोई का 200 बेड का अस्पताल या फिर निर्माणाधीन सैनिक स्कूल। ये सब यूपीए सरकार के समय की योजनाएं हैं। अमेठी में रिनेम, रिपैकेज, रिलान्च की राजनीति क्यों?

4. अमेठी को तीर्थ बताने वाली स्मृति ईरानी जी अमेठी के युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर साधन उपलब्ध कराने में पूरी तरह से असफल क्यों रही हैं। आपको अमेठी ने कैबिनेट मंत्री बनवाया है और बदले में अमेठी को क्यों कुछ नहीं मिला।

5. अमेठी में सरकारी अस्पताल और पशु अस्पताल की स्थिति सपा-बसपा सरकार के कार्यकाल से बदतर है। लखनऊ में भाजपा की 22 महीने से सरकार है लेकिन सभी अस्पताल खस्ताहाल हैं। जनता परेशान है।

6. अमेठी की मुख्य सड़कें यानि 6 हाईवे पिछली केन्द्रीय सरकार की देन हैं जो चमचमा रही हैं जबकि राज्य सरकार की सड़कों की स्थिति बदहाल है। इसलिए अमेठी मेरा तीर्थ है, जैसे फिल्मी डायलाग हास्यास्पद हैं।

7. अमेठी की महिलाओं के लिए आपने अमेठी अचार व नीम के तेल का प्रचार पूरे विश्व में किया। गूगल कीजिए लेकिन इसका फायदा महिलाओं को एक प्रतिशत भी नहीं हुआ। आपने समय-समय पर साड़ी बांटी, तुलसी का पेड़ बांटा, फिर आम का पेड़ बांटा, हर बूथ पर गाय भी बांटने वाली थी लेकिन क्या यही विकास है अमेठी का? आप भीख देने का काम कर रही हैं। इन सब का प्रचार पूरे देश में किया गया लेकिन फायदा केवल स्मृति दीदी जिन्दाबाद का नारा लगाने वालों को मिला।

8. आज अमेठी में लगभग 1852 चुनावी बूथ हैं। हर बूथ पर 6-7 कट्टर भाजपा युवा समर्थक होंगे। इस तरह तकरीबन 10000 लोग ऐसे होंगे जिन्हें आप रोजगार, स्वरोजगार मुहैया करा दें, उसके बाद कहें कि अमेठी मेरा तीर्थ है। फिलहाल अमेठी में लगभग 5 लाख लोग बेरोजगार हैं।

9. 2014 में पूरे यूपी ने अच्छे दिन के जुमले को अपनाया था लेकिन अमेठी ने नहीं। अमेठी ने मोदी लहर या सुनामी में भी कांग्रेस को जिताया था। इस बार भी एससी-एसटी एक्ट के कारण सबका मन खट्टा हो गया है। आरक्षण भी इसमें शामिल है।

10. आप अमेठी को स्मार्ट सिटी नहीं बनवा सकी, अमेठी को नई रेलगाड़ी भी नहीं मिली। रेलवे के दोहरीकरण की प्रक्रिया मनमोहन सिंह सरकार की देन है। बदलाव की जगह बदले की राजनीति में भाजपा की दिलचस्पी है। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप ]


Share it
Top