शिवपाल की जनाक्रोश रैली नौ दिसम्बर को, निगाहें मुलायम पर, होर्डिंग्स से पटे लखनऊ के प्रमुख चौराहे

शिवपाल की जनाक्रोश रैली नौ दिसम्बर को, निगाहें मुलायम पर, होर्डिंग्स से पटे लखनऊ के प्रमुख चौराहे


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों अटकलों का बाजार गर्म है। समाजवादी पार्टी से बगावत कर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव (नेताजी) की नौ दिसम्बर को होने वाली जनाक्रोश रैली में मुलायम सिंह यादव शामिल होंगे या नहीं।

शिवपाल यादव ने शुक्रवार को 'हिन्दुस्थान समाचार' से कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि नेताजी रैली में आयेंगे, लेकिन उनके लिये अब नेताजी के आने या नहीं आने से बड़ा मुद्दा भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में आने से रोकना है। उनका कहना था कि इस राज्य में लोकसभा की सर्वाधिक 80 सीटें हैं। भाजपा यदि उत्तर प्रदेश में कम सीट पाती है तो वह सरकार नहीं बना पाएगी।

शिवपाल उतारेंगे 79 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार

सपा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) दोनों ही अपने-अपने झण्डे पर मुलायम सिंह यादव का ​चित्र छाप रहे हैं। अखिलेश और शिवपाल दोनों ही कहते हैं कि उन्हें नेताजी का आशीर्वाद प्राप्त है। दोनों ही जानते हैं कि सपा के वोट बैंक का ज्यादातर हिस्सा अभी भी नेताजी के साथ है, इसलिये दोनो चाहते हैं कि नेताजी उन्हीं के साथ रहें। इधर, मुलायम सिंह यादव कभी तो सपा अध्यक्ष और अपने बेटे अखिलेश यादव के मंच पर नजर आते हैं तो दूसरे ही पल वह भाई शिवपाल सिंह के कार्यक्रम में चले जाते हैं। हालांकि, इस समय वह सपा कार्यालय में नियमित बैठकर शायद सन्देश दे रहे हैं कि भाई कितना भी प्रिय हो फिर भी बेटा, बेटा ही होता है।

शिवपाल यादव का कहना है कि लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की कुल 80 सीटों में से 79 पर अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी। केवल नेताजी की सीट पर प्रत्याशी नहीं खड़ा किया जायेगा। शिवपाल के इस बयान से साफ है कि मुलायम सिंह यादव उनकी पार्टी के बजाय अखिलेश के साथ रहते हुये साइकिल चिन्ह से ही चुनाव लड़ेंगे।

भाजपा को सत्ता में आने से रोकना पहली प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में समाज का हर वर्ग परेशान है। कारोबार में मंदी है। नौकरियां मिल नहीं रही है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। ऐसे में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को एकजुट कर भाजपा को सत्ता में आने से रोकना उनकी पहली प्राथमिकता है। शिवपाल के नेतृत्व में उनके राजनीतिक जीवन की पहली रैली है, इसलिये इसे सफल बनाने के लिये उन्होंने पूरी ताकत झोंक दी है। उनका दावा है कि रमाबाई अम्बेडकर मैदान में 09 दिसम्बर को आयोजित रैली ऐतिहासिक होगी।

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होर्डिंग्स से पटे लखनऊ के प्रमुख चौराहे

लिहाजा, रैली की तैयारी जोरों पर हैं। लखनऊ के प्रमुख चौराहों और अन्य मार्गों को होर्डिंग्स से पाट दिया गया है। होर्डिंग्स पर शिवपाल के चित्र बने हुये हैं। ज्यादातर होर्डिंग्स का रंग सफेद है, इसलिये उस पर लिखे गये शब्द दूर से ही दिखाई पड़ रहे हैं। विक्रमादित्य मार्ग स्थित सपा कार्यालय के आस-पास भी शिवपाल के चित्र वाली प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की झण्डियां लगायी गयी हैं। इसी मार्ग पर शिवपाल का आवास है।


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