नए साल में पेट्रोल-डीजल आम आदमी की जेब करेगा ढीली...!

नए साल में पेट्रोल-डीजल आम आदमी की जेब करेगा ढीली...!


नई दिल्ली। पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और उनके सहयोगी तेल उत्पादक देश छह महीने की अवधि के लिए 12 लाख बैरल प्रतिदिन की दर से कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती पर सहमत हो गए हैं। यह अवधि 01 जनवरी 2018 से लागू होगी। ईरान के तेल मंत्री बिजान झांगनेह ने 24 तेल उत्पादक देशों की बैठक खत्म होने के बाद मीडिया को इस बारे शुक्रवार भारतीय समायानुसार देर रात जानकारी दी। झांगनेह ने कहा कि वह इस बात से संतुष्ट थे कि ईरान तेल उत्पादन में कटौती की प्रतिबद्धता से मुक्त बना रहेगा।

तेल उत्पादन में 12 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती होने पर सीधा असर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दामों पर पड़ेगा। अभी कच्चा तेल प्रति बैरल 60 डॉलर से नीचे बना हुआ है। अगर कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं तो तेल कंपनियां घरेलू बाजार में भी पेट्रोल और डीजल के भाव बढ़ाएंगी।

मालूम हो कि डेढ़ महीने से अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है और ये 60 डॉलर प्रति बैरल से नीचे 59.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं। अक्टूबर में ब्रेंट क्रूड का प्रति बैरल भाव 86 डॉलर पर पहुंच गया था। अक्टूबर से अब तक ब्रेंट क्रूड के भाव में 30 प्रतिशत से भी ज्यादा की गिरावट देखी गई है।रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें


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