रिजर्व बैंक से कथित तौर पर 3.6 लाख करोड़ जारी करने को कहे जाने के खिलाफ दायर याचिका खारिज

रिजर्व बैंक से कथित तौर पर 3.6 लाख करोड़ जारी करने को कहे जाने के खिलाफ दायर याचिका खारिज


सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता मनोहर लाल शर्मा पर लगाया 50 हजार रुपये का जुर्माना

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व बैंक के कामकाज में कथित तौर पर सरकार के दखल और रिजर्व बैंक से 3.6 लाख करोड़ जारी करने को कहे जाने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता और वकील मनोहर लाल शर्मा पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप वित्त मंत्री अरुण जेटली को व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाकर क्या कहना चाहते हैं। आप ये कहना चाहते हैं कि वित्त मंत्री रिजर्व बैंक का एनपीए बढ़ाना चाहते हैं। हम इस दलील को स्वीकार नहीं करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक याचिकाकर्ता जुर्माने की रकम नहीं जमा करता तब तक कोई जनहित याचिका दायर करने की अनुमति नहीं होगी।

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उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक के बीच टकराव की खबरें आ रही थी। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा 7(1) के तहत विभिन्न मुद्दों पर कम से कम तीन पत्र भेजे हैं। यह धारा सरकार को सार्वजनिक हितों के मुद्दों पर केंद्रीय बैंक के गवर्नर को निर्देश जारी करने की शक्ति प्रदान करती है।

हालांकि वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था कि वो रिजर्व बैंक की स्वायत्तता का सम्मान करती है और इसकी रक्षा करती है।

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