आरबीआई पर अतिरिक्त राशि को हस्तांतरित करने को लेकर बनने लगा सरकारी दबाव

आरबीआई पर अतिरिक्त राशि को हस्तांतरित करने को लेकर बनने लगा सरकारी दबाव


नई दिल्ली। रिजर्व बैंक अॉफ इंडिया (आरबीआई) के पास अतिरिक्त राशि की मद में 9.63 करोड़ रुपये मौजूद हैं। इस बीच सरकार ने नियामक बैंक पर अतिरिक्त राशि रखे जाने की आदर्श प्रक्रिया को स्थापित करने को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। अगर नियामक के पास रखे जाने वाली रकम की सीमा तय कर ली जाती है तो वह केंद्रीय बैंक से सुरक्षित राशि का कुछ भाग हस्तांतरित करने को कहेगी। सीधे शब्दों में सरकार नियामक से उक्त मामले में एक नियमन पेश करने को कह रही है। इसके चलते सरकार ने आरबीआई एक्ट की धारा-7 का उपयोग किया है। हालांकि इस कानून का प्रयोग अभी तक किसी भी सरकार ने नहीं किया था, लेकिन आरबीआई अभी तक इस तरह अपनी जिद्द पर भी नहीं अड़ा था। हालांकि आरबीआई एक्ट की धारा-7 के मुताबिक केंद्र सरकार लोकहित में आरबीआई को निर्देश दे सकता है।

इस बीच सरकार के एक नजदीकी सूत्र ने कहा है कि सरकार आगामी 19 नवंबर को आयोजित होने वाली बैठक के दौरान अपने प्रतिनिधि के माध्यम से नियामक बैंक की ओर सुरक्षित रखे जाने वाली राशि की मात्रा के निर्धारण के लिए बोर्ड की बैठक में दबाव बनाएगी। जानकारी के मुताबिक अभी केंद्र सरकार आरबीआई से तीन बार फंड ट्रांसफर के लिए कह चुकी है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि नियामक बैंक में रखी जाने वाली आकस्मिक निधि के बारे में विश्वस्तर पर मानक निर्धारित हैं। मानक के मुताबिक नियामक बैंक अपने पास जीडीपी का 14 फीसदी रख सकता है, लेकिन यहां तो बैंक ने अपने पास 27 फीसदी रख रखा है। अभी तक यहां कोई मानक निर्धारित है ही नहीं। इस बीच आरबीआई के सूत्र ने भी कहा है कि उक्त मुद्दा जोर-शोर से आगामी बैठक में उठाया जाएगा।रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें


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