नोटबंदी में कालाधन सफेद करने का बड़ा घोटाला..नोटबंदी से ठीक पहले भाजपा व आरएसएस ने सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति पूरे देश में खरीदी : कांग्रेस

नोटबंदी में कालाधन सफेद करने का बड़ा घोटाला..नोटबंदी से ठीक पहले भाजपा व आरएसएस ने सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति पूरे देश में खरीदी : कांग्रेस


नई दिल्ली। नोटबंदी की दूसरी सालगिरह पर कांग्रेस ने इसे कालाधन सफेद करने से जुड़ा एक बड़ा घोटाला बताया है। पार्टी ने प्रमाण के तौर पर कई उदाहण दिए हैं। पार्टी ने कहा है कि नोटबंदी ने एक तरफ किसान, नौजवान, महिलाएं, छोटे व्यवसायी व दुकानदार की कमर तोड़ डाली, तो दूसरी तरफ कालाधन वालों की ऐश हो गई जिन्होंने रातों रात काला धन 'सफेद' बना लिया।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि नोटबंदी से ठीक पहले भाजपा व आरएसएस ने सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति पूरे देश में खरीदी। कांग्रेस पार्टी बिहार में कम कीमतों पर खरीदी 8 संपत्तियों की सूची व उड़ीसा में खरीदी 18 संपत्तियों की सूची तथा कागजात सार्वजनिक कर चुकी है। नोटबंदी से ठीक पहले सितंबर, 2016 में बैंकों में 5,88,600 करोड़ रुपया अतिरिक्त जमा हुआ। इसमें से 3 लाख करोड़ फिक्स्ड डिपॉजि़ट में मात्र 15 दिन में जमा हुआ (1 सितंबर से 15 सितंबर, 2016)। नोटबंदी वाले दिन, यानि 8 नवंबर, 2016 को भाजपा की कोलकाता इकाई के खाता नंबर 554510034 में 500 व 100 रु. के तीन करोड़ रुपये जमा करवाए गए।

उन्होंने कहा कि कमाल की बात यह है कि नोटबंदी के एन बाद यानि, 10 नवंबर, 2016 को इंदिरापुरम गाजि़याबाद, उत्तरप्रदेश में एक मारुति स्विफ्ट कार, रजिस्ट्रेशन नंबर, एचआर-26एआर-9662 से तीन करोड़ रुपया बोरियों में पकड़ा गया। कार में श्री सिद्धार्थ शुक्ला व अनूप अग्रवाल थे, जिन्होंने बताया कि वह यह कैश भाजपा के लखनऊ कार्यालय में ले जा रहे थे। गाजियाबाद भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष अशोक मोंगा पुलिस स्टेशन आए व लिखकर दिया कि यह पैसा भाजपा के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय से भाजपा के लखनऊ कार्यालय में जा रहा था। मोदी जी व अमित शाह जी के चहेते, कर्नाटक के पूर्व मंत्री व भाजपा नेता, जी. जनार्दन रेड्डी (बेल्लारी ब्रदर्स) के सहयोगी रमेश गौड़ा ने नोटबंदी के बाद खुदकुशी कर ली तथा सुसाईड नोट में लिखा कि 100 करोड़ रुपये का कालाधन भाजपा नेताओं द्वारा बदला जा रहा था।

उन्होंने कहा कि अहमदाबाद, गुजरात के महेश शाह ने कालाधन डिस्क्लोजर स्कीम में 13,860 करोड़ का कालाधन डिक्लेयर कर दिया। महेश शाह ने कहा कि वह उन सब राजनेताओं तथा अफसरों का नाम बताएगा, जिनका यह कालाधन था। गुजरात पुलिस ने उसे टेलीविजन स्टूडियो से ही गिरफ्तार कर लिया। बाद में वह मुकर गया। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेता सुरेश भाई मेहता ने खुले तौर से कहा कि महेश शाह के संबंध नरेंद्र मोदी व अमित शाह से रहे थे। नोटबंदी के बाद मात्र 5 दिनों में यानि, 10 नवंबर से 14 नवंबर, 2016 के बीच अहमदाबाद जिला को -ऑपरेटिव बैंक में 745.58 करोड़ रु. के पुराने नोट जमा हो गए। इस बैंक के डायरेक्टर, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह हैं, जो इससे पहले बैंक के चेयरमैन भी रहे हैं।रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें


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