पर्रिकर चाहते हैं सीएम पद से मुक्ति,धवलीकर हो सकते हैं कामचलाऊ मुख्यमंत्री, गोवा में कांग्रेस की सक्रियता से भाजपा सतर्क

पर्रिकर चाहते हैं सीएम पद से मुक्ति,धवलीकर हो सकते हैं कामचलाऊ मुख्यमंत्री, गोवा में कांग्रेस की सक्रियता से भाजपा सतर्क



नई दिल्ली। बीते सात माह से अग्नाशय की बीमारी से पीड़ित गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर उपचार के लिए तीन बार अमेरिका जा चुके हैं। वह अभी इस स्थिति में नहीं हैं कि लगातार बैठकर कार्य कर सकें। वह 06 सितम्बर को अमेरिका से लौटने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में नहीं बैठे हैं। बुधवार 12 सितम्बर को उन्हें गोवा के एक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इलाज के लिए फिर अमेरिका जाना पड़ सकता है। इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री पद के कामकाज से मुक्ति की गुजारिश की है। लेकिन केन्द्रीय सत्ता संगठन का सर्वोच्चद्वय फिलहाल उनको पद पर बनाये रख एक कामचलाऊ मुख्यमंत्री की व्यवस्था पर विचार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए सहयोगी पार्टी, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के रामकृष्ण सुदीन धवलीकर को अस्थाई रूप से मुख्यमंत्री पद का प्रभार दिया जा सकता है। इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार डा. हरि देसाई का कहना है कि पर्रिकर का स्वास्थ्य खराब होने से गोवा में भाजपा की परेशानी बढ़ती जा रही है। प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी अब बदला लेने की तैयारी में जुट गई है। उसने विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के साथ सत्ता के लिए सहयोगी बन सरकार बनाये छोटे राजनीतिक दलों के नेताओं से घनिष्ठता बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसके बाद भाजपा के सर्वोच्च साहब सतर्क हो गये हैं। ऐसे में गोवा की अपनी सत्ता को बचाने के लिए महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के रामकृष्ण सुदीन धवलीकर या किसी अन्य को कामचलाऊ मुख्यमंत्री बना सकते हैं। महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी राज्य की सत्ता में भाजपा की सहयोगी पार्टी है। धवलीकर को बनाने से विपक्ष के प्रलोभन में इस पार्टी के नेताओं के टूटने की संभावना कम हो जाएगी।

इस बारे में जो भी अंतिम निर्णय करना है वह तो केन्द्रीय सत्ता व संगठन के सर्वोच्चद्वय ही करेंगे, लेकिन पार्टी औपचारिकता पूरी करने के लिए विजय पुराणिक को पर्यवेक्षक के तौर पर भेज रही है। जो राज्य भाजपा विधायकों व सहयोगी दलों से मिलकर बात करेंगे।

गोवा में 40 सीटोंवाली राज्य विधानसभा के लिए मार्च 2017 में चुनाव हुए थे। उसमें कांग्रेस को 17,भाजपा को 13, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी को 3, गोवा फारवर्ड पार्टी को 3, राकांपा को 01 और निर्दलीयों को 03 सीटें मिले थे। यहां कांग्रेस जोड़तोड़ करके सरकार बनाने से चूक गई और भाजपा ने महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के 3, गोवा फारवर्ड पार्टी के 3 व निर्दलियों को पटाकर सरकार बना ली। इनमें से 3 विधायकों वाली किसी भी पार्टी के कुछ विधायक टूटकर कांग्रेस की तरफ आये तो वह अन्य का जुगाड़कर सरकार बना लेगी। इसी से भाजपा के प्रबंधक चिंतित हैं।


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