उत्तर प्रदेश: आईपीएस को नया जीवन देने कानपुर पहुंचे डा ओझा, हालत स्थिर

उत्तर प्रदेश: आईपीएस को नया जीवन देने कानपुर पहुंचे डा ओझा, हालत स्थिर


कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में बुधवार को जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास करने वाले आईपीएस अधिकारी सुरेन्द्र कुमार दास की हालत स्थिर बनी हुयी है। मुबंई से तड़के डा प्रणव ओझा के नेतृत्व में यहां पहुंचा डाक्टरों का एक दल पुलिस अधिकारी को बचाने की पुरजोर कोशिश में जुटा है।

पुलिस अधीक्षक (पूर्व) के तौर पर कानपुर में तैनात दास का इलाज यहां एक निजी अस्पताल में चल रहा है। उन्होने बुधवार तड़के करीब चार बजे कथित रूप से पारिवारिक कलह के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। दास को पहले उर्सला अस्पताल ले जाया गया मगर हालत में सुधार ना होता देख पुलिस अधिकारी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल सूत्रों ने गुरूवार को बताया कि दास को वेंटिलेटर पर रखा गया है। उनकी नब्ज असामान्य है मगर दिल की हालत फिलहाल दुरूस्त है। डॉ प्रणव ओझा तड़के करीब ढाई बजे चार्टड प्लेन से यहां पहुंच गये। दास की सारी रिपोर्ट देखने के बाद उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर उनका इलाज शुरू कर दिया है और साथ ही साथ अस्पताल के फिजीशियन, इन्टेन्सिविस्ट व कार्डियोलॉजिस्ट की टीम अपना भरसक प्रयास कर रही है।

सूत्रों ने बताया कि डा. ओझा अपनी टीम के साथ जीवन रक्षक प्रणाली (एकमो) लेकर आये है जिससे मरीज के रक्त शोधन करने के साथ अन्य उपचार संभव है। आईपीएस अधिकारी के स्वास्थ्य को लेकर अस्पताल प्रशासन ने अभी कोई मेडिकल बुलेटिन जारी नही किया है।

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार वर्ष 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी ने पारिवारिक कलह के चलते यह कदम उठाया है। वह पिछले कुछ समय से काफी परेशान थे। दास मूलत: बलिया के निवासी हैं। पुलिस अधिकारी ने इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। दास के बडे भाई एवं उनके परिवार के साथ मां अस्पताल में कल से हैं। साथी पुलिस कर्मियों के अनुसार बेहद सौम्य एवं मृद स्वाभाव के आईपीएस अधिकारी के जीवन के लिये समूचा पुलिस विभाग और उन्हे जानने वाले ईश्वर से दुआ मांग रहे है।

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