सपा का दावा, विष्णु मंदिर निर्माण के एेलान से भाजपा बैकफुट पर

सपा का दावा, विष्णु मंदिर निर्माण के एेलान से भाजपा बैकफुट पर


इटावा। इटावा में भगवान विष्णु की नगरी बसाने के समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के एेलान से उत्साहित पार्टी समर्थकों का दावा है कि राम मंदिर के नाम पर हिंदुत्व की राजनीति करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उलट पूर्व मुख्यमंत्री विकास की राजनीति के साथ धरम करम में भी विश्वास करते हैं आैर इसी आस्था के चलते उन्होने यह घोषणा की।

सपा समर्थकों को विश्वास है कि सपा अध्यक्ष के इस ऐलान से मंदिर का नाम अलपाने वाली भाजपा बैकफुट पर आई और पर्यटन के लिहाज से उपेक्षित चंबल में भगवान विष्णु की नगरी बसाने और मंदिर निर्माण से वहॉ पर विकास की एक नई ज्वाला का उदगम होना तय है। श्री यादव ने हाल ही में कंबोडिया के विश्व प्रसिद्ध ओंकारवट मंदिर की तर्ज पर इटावा में विष्णु मंदिर बनाने की मंशा जाहिर की थी। हालांकि उनका कहना था कि सत्ता में आने के बाद वह इस कार्य को प्राथमिकता से करायेंगे।

वैसे अखिलेश यादव पर इस बात के आरोप लगते है कि वो पूजा पाठ से दूर रहते है लेकिन उनके बेहद करीबी इस बात का दावा करने से नही चूकते कि इस तरह की बातें कहने वाले लोग भगवान में आस्था दिखाने के नाम पर पांखड को बढावा देते है लेकिन अखिलेश यादव दिखावा करने से दूर रहते है।

सपा समर्थकों का कहना है कि अखिलेश ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल मे अयोध्या, वृंदावन और मथुरा आदि स्थानो पर मंदिरो को निर्माण करवाया है, वही दूसरी ओर से अपने गृहनगर सैफई मे आयोजित होने वाले भव्य सैफई महोत्सव की शुरूआत ही हनुमान जी की पूजा अर्चना से शुरू कराते रहे है। पूजा अर्चना के मूर्ति मिटटी से बहुत ही शानदार स्थापित कराई जाती थी उसके बाद उसका प्रवाह करवा दिया जाता था। यह क्रम आज से नही बल्कि करीब डेढ दशक से अधिक वक्त से चला आ रहा है।

यादव ने अपने 2012 के मुख्यमंत्रित्व काल मे सैफई महोत्सव समिति स्थल पर करीब पॉच बीघा जमीन पर हनुमान जी की भव्यमूर्ति की स्थापना कराई थी। कांसे से निर्मित इस मूर्ति की भव्यता देखते ही बनती है। करीब पचास फुट ऊंची यह मूर्ति इतने ही फुट ऊंचे एक बुर्ज पर स्थापित कराई गई है जहॉ पर सुबह शाम लोग पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचते रहते है। इससे पहले ऐसी मूर्ति सैफई गांव मे नही हुआ करती थी।

हनुमान जी की मूर्ति की चर्चा अभी पूरी तरह से थम भी नही पाई थी कि एकाएक भगवान श्रीकष्ण की मूर्ति की स्थापना की चर्चा चल निकली यह मूर्ति अखिलेश यादव अपनी मॉ मालती देवी के नाम पर स्थापित कराये जा रहे स्कूल मे करा रहे है। फिलहाल भगवान श्रीकृष्ण की यह मूर्ति काले कपडे से ढक कर रखी गई है। स्कूल के शुभांरभ मौके पर इस मूर्ति का अनावरण भव्यतापूर्ण ढंग से करने का दावा किया जा रहा है। जिसमें देश भर के नामचीन समाजवादियो को आमंत्रित किया जायेगा। संभवत: 2019 के संसदीय चुनाव से पहले इस मूर्ति का लोकार्पण कर दिया जायेगा।

स्कूल का निर्माण करा रही निर्माण कंपनी के मैनेजर आलोक अग्रवाल बताते है कि यह मूर्ति कांसे की बनी हुई है। साठ फुट की उंचाई वाली इस मूर्ति को कई टुकडो में तैयार करके लाया गया फिर यहॉ पर स्थापित किया गया है। इस मूर्ति की खास बात है कि महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण अपने हाथ पर रथ का पहिया उठाये हुए दिख रहे है शायद ऐसी दूसरी मूर्ति कही ओर नही है।

अब एक बार से अखिलेश यादव ने नये सिर से मंदिर निर्माण के मुददे पर भाजपा को घेर लिया है। असल मे श्री यादव ने कहा कि अगर अगले चुनाव मे उनकी सरकार बनती है तो वे इटावा मे भगवान विष्णु का भव्य मंदिर का निर्माण इटावा सफारी पार्क के आसपास 2000 एकड भूमि पर करायेंगे। इस मंदिर की बनावट मंदिर कंबोडिया के अंगकोरवाट मंदिर की तरह ही भव्य होगी। कंबोडिया के इस मंदिर की सबसे बड़ी खास बात यह भी है कि यह विश्व का सबसे बड़ा विष्णु मंदिर भी है। इसकी दीवारें रामायण और महाभारत जैसे विस्तृत और पवित्र धर्मग्रंथों से जुड़ी कहानियां कहती हैं।

करहल के नेमसिंह यादव कहते है कि हनुमान जी की अस्थाई मूर्ति की पूजा से ही सैफई महोत्सव का शुभारंभ होता था , इसी कडी मे पूर्व मुख्यमंत्री ने 65 फुट उंची हनुमान मूर्ति का निर्माण कराया गया है। उनका कहना है कि अखिलेश यादव पूजा पाठ मे पूरी तरह से आस्था रखते है अखिलेश यादव किसी विवादित स्थल पर कोई निर्माण नही करा रहे है जबकि भाजपा वाले विवादित स्थल पर ही मंदिर निर्माण के प्रति अडिग बने हुए है।

समाजवादी पार्टी की इटावा इकाई के अध्यक्ष गोपाल यादव कहते है कि पार्टी अध्यक्ष का यह बयान बहुत ही स्वागत योग्य है क्यों कि जिस इलाके मे उन्होने यह मंदिर बनाने की बात कही है वो बीहड का इलाका है हमेशा से यह इलाका विकास से अछुता रहा है। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर यहॉ पर इटावा सफारी पार्क का निर्माण कराया है।

उधर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की इटावा ईकाई के अध्यक्ष शिवमहेश दुबे कहते है कि यदि वो भगवान विष्णु का मंदिर बनाने मे यकीन रखते है तो हम इसका स्वागत करते है। अगर ऐसा है तो उनको भरोसा लौटा है भगवान मे राम मे विष्णु मे धार्मिक प्रवृत्ति पर लौटने पर हमारी ओर से उनको साधुबाद लेकिन इसके ठीक विपरीत सैफई के ब्राहम्ण महासभा के ब्लाक अध्यक्ष लालजी दुबे कहते है कि अखिलेश यादव की यह घोषणा स्वागत योग्य है भाजपा वाले अपने आप को हिंदुत्व का ठेकदार समझते है उनके लिए यह घोषणा एक करारा तमाचा है ।

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