मुन्ना बजरंगी हत्याकांड: तो पिस्टल बोलेगी कितने राउंड चली थी गोलियां..?

मुन्ना बजरंगी हत्याकांड:  तो पिस्टल बोलेगी कितने राउंड चली थी गोलियां..?


बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद गटर से निकाली गयी हत्या में प्रयोग की गयी पिस्टल फाॅरेंसिक जांच के लिए आगरा तो भेज दी गयी है। लेकिन क्या यह पिस्टल हत्या का राज उगल पायेगी। क्या यह पिस्टल बता पायेगी की इस का मालिक कौन है। क्या यह बता पायेगी की इस पिस्टल से किसने गोली चलाई थी। न जाने कितने सवाल है और एक पिस्टल से जवाब तलाशने को पुलिस लगी है। लेकिन सवाल यह है कि गटर से बरामद पिस्टल क्या फाॅरेंसिक जांच में आ पायेगी?

हर तरफ शोर है कि सुनील राठी ने गोली मारकर मुन्ना बजरंगी की हत्या की थी। राठी ने अपने बयान में कहा है कि उसने ही मुन्ना बजरंगी को मारा, लेकिन सुनिल राठी पिस्टल मुन्ना बजरंगी की बता रहा है। जबकि जेल के गटर से एक पिस्टल और दो दर्जन कारतूस जिंदा मिले थे और घटना स्थल पर 10 खोके बरामद हुए थे। दस राउंड गोली चलने के बाद भी जेल में किसी ने घटना होते नहीं देखी। 800 कैदियों की क्षमता वाली बागपत जेल में गोली चल जाती है, लेकिन यह किसी ने नहीं देखा की किसने गोली चलाई और किसको मारा, जिंदा लोगों से पुछताछ के बाद बार-बार जांच पर जांच की बात कर रही पुलिस अब पिस्टल से राज खुलवाने की तैयारी में है। वह भी उस पिस्टल से जो गटर में फेक दी गयी।

जानकारों की माने तो गटर में फेंके जाने के बाद पिस्टल की फाॅरेंसिक जांच में कुछ मिल पाना आसान नहीं है। 24 घंटे तक पिस्टल गटर में रही, अब वह क्या राज उगलने वाली है यह तो जांच के बाद ही पता चल पायेगा। लेकिन इतना जरूर है। जो जांच टीम जेल के अंदर लोगों से कोई सबुत नहीं जुटा पायी वह एक पिस्टल की जांच के बाद क्या साबित पर पायेगी?

गौरतलब है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से ही जांच को गोपनीय रखा जा रहा है, मीडिया के सामने कोई अधिकारी इस मामले पर बोलने को तैयार नहीं है, ऐसे में जांच भी जांच दायरे में है कि आखिर हत्याकांड की जांच क्यों छिपाई जा रही है?

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