अब दूसरे दल के बड़े नेताओं को जांच-परख कर ही पार्टी में शामिल करेगी भाजपा

अब दूसरे दल के बड़े नेताओं को जांच-परख कर ही पार्टी में शामिल करेगी भाजपा

नई दिल्ली। भाजपा के एक बड़े नेता का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने निर्णय किया है कि जिन राज्यों में भाजपा की स्थिति ठीक है, वहां अब दूसरे दल के बड़े कद वाले किसी नेता को बिना जांचे-परखे पार्टी में शामिल नहीं करेगी। दूसरे दलों के केवल ब्लाक स्तर के नेताओं को पार्टी में शामिल करेगी। उनको पद प्रतिष्ठा देगी। ऐसी स्थिति में उ.प्र. के कई ऐसे विधायक जिन्होंने कुछ माह पहले राज्यसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी को वोट दिया था और अब भाजपा में शामिल होने का हर तरह से उपक्रम कर रहे हैं, उनको चिंता हो गई है। इनमें से कई ऐसे हैं जो विधायक रहते बहुत माल बनाये हैं।
इस बारे में भाजपा के ही कुछ नेताओं का कहना है कि अन्य दलों से बड़े नेताओं को भाजपा में नहीं लाने का कोई हार्ड-फास्ट रूल नहीं बना है। जहां जो परिस्थिति होगी, उसके अनुसार काम होगा। राजनीति में किसी नियम पर अड़ कर कुछ नहीं होता। उससे फायदा के बजाय नुकसान होता है। यही वजह है कि गुजरात में कुछ दिन पहले ही कांग्रेस के विधायक कुंवरजी बावलिया (कोली जाति के हैं) को कांग्रेस से इस्तीफा दिलवाकर, जिस दिन सुबह भाजपा ज्वाइन कराया गया , उसके कुछ घंटे बाद ही उनको कैबिनेट मंत्री का शपथ दिलवा दिया गया। उनके लिए विशेष रूप से शपथ ग्रहण समारोह हुआ।
इस बारे में इंडियन एक्सप्रेस समूह के गुजराती समाचार पत्र समकालीन के सम्पादक रहे वरिष्ठ पत्रकार डा. हरि देसाई का कहना है कि गुजरात में भाजपा के एक दर्जन के लगभग विधायक, मंत्री बनने के लिए मुंह फुलाए बैठे हैं। कुछ ने तो बगावती तेवर भी दिखाये हैं। इनमें कइयों पर कई तरह के केस हैं। उससे संबंधित फाइल दिखाकर उनका मुंह बंद करा दिया गया। इसी तरह से उ.प्र. में या ऐसे ही अन्य राज्यों में जो अन्य पार्टी के विधायक हैं, उनको भी फाइल खोलने का भय दिखाकर समर्थन लिया जाता रहेगा। ऐसे विधायक कुछ कर नहीं सकते हैं। इसलिए पार्टी के ईमानदार कार्यकर्ताओं को ही आगे बढ़ाया जाना चाहिए। किसी भी पार्टी के भविष्य के लिए यह अच्छा होता है।

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