क्या लोकसभा चुनाव में भाजपा 51 प्रतिशत वोट पाने का लक्ष्य साध पाएगी..?

क्या लोकसभा चुनाव में भाजपा 51 प्रतिशत वोट पाने का लक्ष्य साध पाएगी..?

नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगले लोकसभा चुनाव में 51 प्रतिशत वोट पाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए अभी से रोज- रोज कहीं न कहीं बैठक, रैली, सभा, दौरा शुरू कर दिया है। कार्यकर्ताओं को लगा दिया है। लेकिन मोदी -शाह के 51 प्रतिशत लक्ष्य के बारे में सब सवाल करने लगे हैं कि इतने बड़े लक्ष्य साधेंगे कैसे?
कैसे 2014 के लोकसभा चुनाव में यूपीए सरकार विरोधी आंधी के माहौल में 31 प्रतिशत वोट तथा 284 लोकसभा सीट पाई नरेन्द्र मोदी की भाजपा 2019 के लोक सभा चुनाव में 51 प्रतिशत वोट पा जायेगी? स्वतंत्र भारत के इतिहास में अब तक किसी भी लोकसभा चुनाव में कोई भी शासक, व्यक्ति या उसकी पार्टी इतना अधिक वोट नहीं पाये हैं। अभी तक किसी भी पार्टी को लोकसभा चुनाव में 50 प्रतिशत वोट नहीं मिले हैं। 1952 में पंडित जवाहर लाल नेहरू को 44 प्रतिशत वोट मिले थे।
उस समय कांग्रेस का सम्पूर्ण भारत में एकछत्र राज था। कोई विपक्ष सामने नहीं था। पंडित जवाहर लाल नेहरू की साख भी बहुत थी। तब पर भी पंडित जवाहर लाल व उनकी पार्टी को 44 प्रतिशत वोट मिले थे। पाकिस्तान से युद्ध जीतने और उसका दो फाड़ कर बांग्लादेश बनवाने के बाद 1971 की लहर में इंदिरा गांधी को लोकसभा चुनाव में 43.68 प्रतिशत वोट मिले थे। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सहानुभूति लहर में उनके पुत्र राजीव गांधी ( इंदिरा कांग्रेस) को 49.10 प्रतिशत वोट और 415 सीटें मिली थीं।
इतने प्रतिशत वोट और सीटें आज तक किसी को भी नहीं मिली हैं। ऐसे में मोदी-शाह की भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव में कैसे 51 प्रतिशत वोट और 415 से अधिक सीटें पाएगी, इस पर सबकी निगाह लगी हुई है। मोदी-शाह ऐसा क्या करेंगे जो लोग बावले होकर केवल भाजपा को वोट देंगे। इसके बारे में लोग कहने लगे हैं कि यह भी या तो जुमला साबित होगा या ईवीएम का करामाती सच। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व महासचिव हरिकेश बहादुर का कहना है कि लगता है भाजपा संगठन प्रमुख केवल हवा बनाने के लिए आगामी लोकसभा चुनाव में 51 प्रतिशत वोट पाने के लक्ष्य वाला हुंकार भर रहे हैं।

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