विदेश मंत्रालय ईपीएफ घोटालाः मंत्रालय के लेखा नियंत्रक ने किया था मामले का खुलासा

विदेश मंत्रालय ईपीएफ घोटालाः मंत्रालय के लेखा नियंत्रक ने किया था मामले का खुलासा

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय की शिकायत पर सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) द्वारा दर्ज मामले में राशि की हेराफेरी का खुलासा विदेश मंत्रालय के लेखा नियंत्रक ने किया। मामले में यह पाया गया कि विदेश में पदस्थापित अंकित शर्मा, अनुज कुमार टोकस, राजकुमार गांजर, वीडी महतो व रामकुमार के ईपीएफ खाते से कुल एक करोड़ 39 लाख 90 हजार रुपये की हेराफेरी की गई।
इस मामले में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक सीबीआई के एंटी करप्शन ब्रांच ने यह मामला दर्ज किया है। मामले की जांच उपाधीक्षक रणविजय सिंह कर रहे हैं। साथ में में अधीक्षक वीएम मित्तल जांच की निगरानी कर रहे हैं। प्रथम दृष्ट्या यह मामला 92 लाख रुपये की हेराफेरी का लग रहा था लेकिन बाद में यह राशि बढ़ गई। जांच के क्रम में इसमें भी इजाफा हो सकता है।
मामले में यह भी जानकारी मिल रही है कि लेखा नियंत्रक के कार्यालय के कुछ कर्मियों ने मिलकर इस गोरखधंधे को अंजाम दिया। यहां तक कि इस राशि की निकासी को स्वीकृत करने वाले अधिकारियों के हस्ताक्षर भी फर्जी हैं। साथ ही संबंधित बैंकों की शाखाओं से दी गई जानकारी पर यह भी पता चला कि इस राशि की भुगतान में प्रयोग किया गया खाता ईपीएफ खाताधारियों का नहीं है। ये सारी निकासी अगस्त 2017 से लेकर फरवरी 2018 तक की गई है।
इस बीच सीबीआई के प्रवक्ता आरके गौड़ ने कहा है कि एजेंसी मामले को गंभीरता पूर्वक ले रही है लेकिन जब इस मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के पास कोई जानकारी नहीं है। जब उनसे बात करने का प्रयास किया गया तो उनके सहयोगी ने कहा कि वह साहब से बात कर रहे हैं।

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