सहारनपुर: 70 से अधिक लोगों की जिंदगी लील गई जहरीली शराब...पीडित गांव की महिलाओं का गुस्सा फूटा, कई घंटे तक किया हाईवे जाम

सहारनपुर: 70 से अधिक लोगों की जिंदगी लील गई जहरीली शराब...पीडित गांव की महिलाओं का गुस्सा फूटा, कई घंटे तक किया हाईवे जाम

सहारनपुर। सहारनपुर जिले के तीन थाना क्षेत्रों के 16 गांवों के 7० से अधिक लोगों के जहरीली शराब पीने से हुई मौत के मामले में रविवार तीसरे पहर थाना नागल के गांव कोलकी, जहां सबसे अधिक 15 लोगों की मौत हुई, वहां की सैकडों दलित महिलाएं सहारनपुर-मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोपहर साढे तीन बजे से साढे पांच बजे तक धरना दिया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया और यातायात अवरूद्ध हो गया। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि गांव कोलकी में जहरीली शराब के सेवन से 15 लोगों की मौत हुई थी। दलित महिलाओं की मांग थी कि मृतक आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाए और 1०-1० लाख रूपया मुआवजा दिया जाए। एक महिला ने आरोप लगाया कि अभी भी उनके गांव के कुछ लोग मेरठ में भर्ती हैं, लेकिन उन्हें उचित उपचार नहीं मिल रहा है। जिलाधिकारी आलोक पांडे के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के मुताबिक मृतक परिजनों को दो-दो लाख रूपए की धनराशि दिए जाने की घोषणा के अनुपालन में जिला प्रशासन ने मृतकों की सूची तैयार कर उनके आश्रितों को देने के लिए दो -दो लाख रूपए के चैक बनाए हैं, जिन्हें तत्काल मृतक आश्रितों को दे दिया जाएगा। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि धरने पर बैठी महिलाओं की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने महिलाओं को विश्वास दिलाया कि सहारनपुर जिला प्रशासन मेरठ के चिकित्सकों से बात कर वहां भर्ती रोगियों को उचित उपचार दिलाने का काम करेगा। सीएमओ डा. बलजीत सिंह सोढी ने रविवार शाम बताया कि जिला अस्पताल समेत सहारनपुर के विभिन्न अस्पतालों में जहरीली शराब से पीडित लोग भर्ती है। जहां उनका इलाज किया जा रहा है। प्रदेश के आबकारी आयुक्त धीरज शाहू के इस ब्यान पर कि सहारनपुर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों की संख्या बढने की वजह उन्हें समय पर उपचार न मिलना रहा, पर सीएमओ डा. सोढी की सफाई थी कि हादसे के पहले रोज पूरे दिन जबरदस्त बारिश और ठंड के कारण शराब पीडित रोगी घरों में ही दुबके रहे और हालत बिगडने पर देर रात उनको जिला अस्पताल में लाया गया। सहारनपुर में जहरीली शराब पीने से शुक्रवार को शुरू हुआ मौतों का सिलसिला शनिवार रात तक जारी रहा। डीएम आलोक पांडे और एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि 36 लोगों की मौत सहारनपुर में हुई, जबकि सहारनपुर के 18 लोगों ने मेरठ में दम तोडा। उनमें भी छह लोगों की सांसे मेरठ के रास्ते में ही रूक गई थी और 12 की मौत मेरठ मेडिकल में उपचार के दौरान हुई। सहारनपुर के सीएमओ डा. सोढी के मुताबिक शनिवार छह बजे तक 55 शवों का पोस्टमार्टम हुआ। इस पर डीएम आलोक पांडे का कहना है कि 2० मृतकों के मामलो की पुष्टि उनके विसरा की रासायनिक जांच के बाद हो पाएगी। शराब से उनकी मौत होना पाए जाने के बाद उन सभी के आश्रितों को भी दो-दो लाख रूपए मुआवजा और सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता प्रदान की जाएगी। इस तरह से सहारनपुर जिले में जहरीली शराब पीकर मरने वालो की कुल संख्या 73 हो जाती है। ध्यान रहे उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे हरिद्वार जिले के रूड़की क्षेत्र के थाना झबरेडा के गांव बालूपुर में 7 फरवरी को एक परिवार की तेरहवी थी। सहारनपुर के कई गांवो के ईंट-भट्टों पर काम करने वाले मजदूर और अनुसूचित जाति के लोग सस्ती शराब लेने के चक्कर में बालूपुर गए हुए थे। उन्होंने वहां हुई तेरहवी की दावत में देशी शराब पीई। कुछ घंटे बाद उल्टी और चक्कर आने से उनकी तबियत बिगड गई। एक व्यक्ति ने तो घर पहुंचने से पहले ही दम तोड दिया। कुछ ग्रामीण ग्राम बालूपुर से देशी शराब के पाऊच साथ ले आए और गांव आकर अपने परिचितों में बांट दिया। उनमें कुछ देशी शराब के विक्रेता भी थे। जिन्होंने अपने-अपने गांवों में शराब बेची। जांच में इस शराब में मिथाईल पाई गई, जो जहर का काम करती है। सहारनपुर के थाना गागलहेडी के गांव कोलकी कला में 12 लोगों की, गांव शरबतपुर में तीन लोगों की, बढेडी गुर्जर में दो लोगों की, खजूरी अकबरपुर, पठेड, गंडोला में दो-दो लोगों की और गागलहेडी में एक व्यक्ति की मौत हुई। देवबंद थाना क्षेत्र के गांव खेडा मुगल में तीन लोगों की और अन्य गांवों में आठ लोगों की मौत हुई। थाना नागल के गांव उमाही में 15ए गांव सलेमपुर में नौए गांव ताजपुर में चार और गांव मायाहेडी में एक व्यक्ति की जहरीली शराब से जान गई। ईंट भट्टों पर काम करने वाले चार मजदूरों की जान गई। मेरठ मेडिकल कालेज में सहारनपुर के एक दर्जन लोगों का अभी भी उपचर चल रहा है। उनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। सहारनपुर के गांव कोलकी कला निवासी रणवीर के मुताबिक उसने अपने भाई बेनाम को शुक्रवार रात मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया था। जहां देर रात उसकी मौत हो गई। जबकि उसका बेटा गोपी और भतीजा रूपनेश देहरादून में भर्ती है और उसके भाई मुकेश व राकेश का सहारनपुर जिला अस्पताल में उपचार हो रहा है। वह अपने बेटे और भतीजे को लेकर चिंतित है। इसी गांव के नीरज और उसके पिता सुरेश दोनो की देर रात मेरठ मेडिकल कालेज में मौत हुई। सुरेश के परिवार में दो बेटे और पत्नी है। एक व्यक्ति सेंसरपाल की दोनो आंखों की रोशनी चली गई। एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने तीन दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है और इतने ही मुकदमें दर्ज किए गए है। कमिश्नर सहारनपुर सीपी त्रिपाठी के मुताबिक सहारनपुर मामले की उच्चस्तरीय जांच होगी। जांच में उत्तराखंड के मामले भी शामिल रहेगे। जहरीली शराब कांड में सहारनपुर के आबकारी विभाग और पुलिस विभाग के डेढ दर्जन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच के बाद दोषी पाए जाने वालो के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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