मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिये निर्देश...48 घंटे के अन्दर करें ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिये निर्देश...48 घंटे के अन्दर करें ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओलावृष्टि से प्रभावित जिलों के लिए 5० करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित करते हुए नुकसान का आकलन 48 घण्टे के अन्दर करके रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर कृषि मंत्री और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, राजस्व, कृषि, गृह तथा पुलिस महानिदेशक के साथ प्रदेश के विभिन्न भागों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान के आकलन के सम्बन्ध में आकस्मिक बैठक की। बैठक में प्रदेश में ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों एवं जानमाल की क्षति की जिलेवार गहन समीक्षा की गई। जिन 15 प्रभावित जिलों की समीक्षा की गई, उनमें अलीगढ़, इलाहाबाद, कौशाम्बी, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, बाराबंकी, अम्बेडकरनगर, झांसी, जालौन, ललितपुर, कन्नौज, लखनऊ एवं हरदोई शामिल हैं। श्री योगी ने ओलावृष्टि से प्रभावित सभी जिलों के जिलाधिकारियों को सचेत किया है कि वे 48 घण्टे के अन्दर अपने-अपने जिलों में किसानों को हुए नुकसान के सम्बन्ध में पूरी सूचना शासन को भेजें और अपने स्तर पर पीडि़तों के लिए राहत की कार्रवाही अविलम्ब सुनिश्चित करें। उन्होंने 5० करोड़ रुपए की धनराशि आवंटित कर प्रभावित जिलों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करते हुए किसानों की समस्याओं के सम्बन्ध में पूरी संवेदनशीलता बरतें और उनसे संवाद भी बनाएं, ताकि कोई अव्यवस्था न हो। उन्होंने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ राजस्व कर्मियों को निर्देशित करें कि सहायता वितरण का कार्य त्वरित गति एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए और इसमें कोई भी कोताही न बरती जाए अन्यथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि सहायता के रूप में जनहानि होने पर पीडि़त को चार लाख रुपए का अनुदान दिया जाता है, जबकि कच्चा या पक्का पूरा मकान क्षतिग्रस्त होने पर 95,1०० रुपए की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। इसी प्रकार दुधारु पशुओं की हानि पर 3०,००० रुपए, गैर दुधारु पशुओं पर 25,००० रुपए, बछड़े पर 16,००० रुपए और छोटे जानवरों पर 3,००० रुपए का अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा, न्यूनतम 33 प्रतिशत फसल के नुकसान के ऊपर प्रति हेक्टेयर असिंचित क्षेत्रफल पर 6,8०० रुपए, सिंचित क्षेत्रफल पर 13,5०० रुपए, जबकि बहुफसली पर 18,००० का अनुदान दिया जाता है। सिंचित भूमि पर न्यूनतम 2,००० रुपए और असिंचित पर न्यूनतम 1,००० रुपए का अनुदान दिया जाता है।

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