अनुच्छेद 370 समाप्त किया जाना ही 'अटलजी' को सबसे सच्ची श्रद्धांजलि-योगी आदित्यनाथ

अनुच्छेद 370 समाप्त किया जाना ही अटलजी को सबसे सच्ची श्रद्धांजलि-योगी आदित्यनाथ


- लोकभवन में प्रथम पुण्य तिथि पर याद​ किये गए पूर्व पीएम


लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्य तिथि पर उन्हें शुक्रवार को पूरा देश याद कर रहा है। उन्होंने जीवनपर्यन्त मूल्यों व आदर्शों की राजनीति की। उनका छह दशक से अधिक का राजनीतिक बेदाग जीवन हम सब के लिए प्रेरणास्रोत है। व्यक्ति के मूल्यों और आदर्शों को जानने के लिए 'अटल' के जीवन से सबक लेना चाहिए।

उक्त बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी ​वाजपेयी की प्रथम पुण्य तिथि पर शुक्रवार को लोकभवन में उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद श्रद्धाजंलि सभा में सम्बोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक पढ़ने के बाद उसका भाव बताते हुए कहा कि 'मैं मरने से नहीं डरता, अगर डरता हूं तो सिर्फ बदनामी से' यह उनके व्यक्तित्व पर सटीक बैठता है। वे अपनी कविताओं के माध्यम से बड़ी-बड़ी समस्याओं को समाधान के साथ समाज को झकझोरते थे। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी को पत्रकार, कवि, नेता, मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में देखा गया। उनके अनेक रूपों को देश व ​दुनिया के लोगों ने देखा है। वे सदैव मूल्यों के लिए काम किया। अटल जी अटल थे। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त किया जाना स्व. अटल जी के लिए सबसे सच्ची श्रद्धांजलि है। अटल जी का पूरा जीवन समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित रहा।

सीएम योगी ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक देश में राजनीतिक अस्थिरता थी। उसे दूर करने का काम अटल ने किया था। आज देश में भारत की ताकत बढ़ रही है। पांच साल पहले जिन योजनाओं की शुरुआत हुई, उन्हें आज मूर्त रूप देने का काम मोदी सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सकता है। इस उद्देश्य के साथ यह सरकार चल रही है। अटल जी ने जो संकल्प लिया था, उसे मोदी सरकार देश में पूरा कर रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 25 दिसम्बर को उनकी जयंती पर लखनऊ में 'अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, बलरामपुर में केजीएमयू का सेटेलाइट सेंटर, लोकभवन में 25 फीट ऊंची प्रतिमा तथा यूपी के 18 मण्डलों में श्रमिकों के बच्चों के लिए 18 आवासीय विद्यालय खोले जायेंगे। इसके साथ यूपी में उनके कर्मक्षेत्र से जुड़े सभी स्थलों को सौन्दर्यीकरण किया जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि जब एक अवसर ऐसा था, जब लोकसभा में दो सीटें आईं तो पत्रकारों ने सवाल किया कि आप कैसे हार गए तो अटल ने कहा कि वे जीत गए। इसलिए मैं हार गया। मेरी कोई गलती नहीं है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अटल जी के पीएम रहते हुए अगर कोई कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचता था तो उसे उनसे मिलने का अवसर जरूर मिलता था। वह सबसे मिलते थे। उनके जीवन में 'अहंकार' कभी छू नहीं पाया। उनकी पुण्य तिथि पर हम सबको 'अहंकार' त्यागने का संकल्प लेना चाहिए। यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि पं. दीनदयाल जी की परिकल्पना अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की थी जिसे स्व. अटल जी ने पूर्ण करने का पूरा प्रयास किया। अब उनके सपनों को मोदी और योगी सरकार पूरा कर रही है। उन्होंने अटलजी की पुण्य तिथि पर कार्यकर्ताओं को सबका सम्मान करने की सीख दी और कहा कि बुजुर्ग की जमीन पर कब्जा करने के बजाय उसके पैर छूकर आशीर्वाद लीजिये।

मंच संचालन के दौरान डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कई संस्मरण सुनाए। एक कार्यकर्ता ने अटल जी पूछा कि फुटबाल की क्या गलती जो जिधर जाता है लोग लात मारते हैं। इस पर अटल जी ने कहा कि उसकी गलती है कि वह अंदर से खाली है। अटलजी का सकारात्मक पक्ष उनके ​व्यक्तित्व को बढ़ाता था। अटल जी का व्यक्तित्व अनुपम व विराट था। वे बड़े ही सहज तरीके से बड़ी-बड़ी बातें कह जाते ​​​​​​​थे।

इस मौके पर मंत्री आशुतोष टंडन, बृजेश पाठक, धर्मपाल सिंह, महापौर संयुक्ता भाटिया, विधायक सुरेश श्रीवास्तव, डा. नीरज बोरा, विजय बहादुर पाठक, नानक चन्द लखमानी, कई विधायक, मंत्री, पदाधिकारी समेत प्रबुद्ध वर्ग उपस्थित रहा।


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