मायावती और अखिलेश की रमईपुर में संयुक्त जनसभा 24 को

मायावती और अखिलेश की रमईपुर में संयुक्त जनसभा 24 को


अकबरपुर व कानपुर लोकसभा के गठबंधन उम्मीदवारों के लिए मांगेंगे वोट

कानपुर। लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के तहत कानपुर में होने वाले मतदान को लेकर मायावती और अखिलेश यादव का भी कानपुर आने का कार्यक्रम तय हो गया है। बसपा के जोनल कोऑर्डिनेटर नौशाद अली खान ने बुधवार को बताया कि 24 अप्रैल को दोनों नेताओं की संयुक्त जनसभा रमईपुर में आयोजित होनी है। यहीं से कानपुर और अकबरपुर लोकसभा सीट के उम्मीदवारों के लिए मतदाताओं से गठबंधन के पक्ष में मतदान करने की अपील की जाएगी।

कानपुर और अकबरपुर लोकसभा सीट में 29 अप्रैल को मतदान होना है। इसको लेकर इन दिनों सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवार चुनाव प्रचार के लिए पूरी ताकत झोक रहे हैं। इसके साथ ही अपने-अपने स्टार प्रचारकों को भी बुला रहे हैं। इसके चलते गठबंधन उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 24 अप्रैल को बिठूर विधानसभा के अर्न्तगत रमईपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे। सपा के नगर अध्यक्ष मोइन खान ने बताया कि पहले मायावती का कार्यक्रम तय हुआ था। इसके बाद सपा की ओर से इसी जनसभा में अखिलेश यादव के भी आने की मांग की गई।

इसलिए कानपुर सपा कमेटी की मांग पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी अब संयुक्त रुप से जनसभा को संबोधित करेंगे। इसकी तैयारियां की जा रही हैं और गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं और लोगों से सम्पर्क किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस जनसभा में लाखों की भीड़ होगी। बसपा के जोनल कोऑर्डिनेटर नौशाद अली खान ने बताया कि रमईपुर में होने वाली जनसभा को लेकर दोनों नेताओं की ओर से सहमति मिल गयी है पर अभी समय निश्चित नहीं हुआ है। समय निश्चित होते ही मीडिया को जानकारी दे दी जाएगी।

बताते चलें कि गठबंधन के तहत कानपुर सीट से सपा के उम्मीदवार पूर्व विधायक रामकुमार निषाद है तो वहीं अकबरपुर सीट से बसपा की उम्मीदवार व जिला पंचायत सदस्य निशा सचान हैं।

दोनों उम्मीदवारों के लिए उचित जगह है रमईपुर

गठबंधन ने मायावती और अखिलेश की जिस जगह यानी रमईपुर में जनसभा को निश्चित किया है वहां से कानपुर और अकबरपुर लोकसभा के मतदाताओं को रिझाने में आसानी होगी। जबकि रमईपुर अकबरपुर लोकसभा में आता है पर उससे सटी किदवई नगर विधानसभा कानपुर नगर में आती है। दूसरी तरफ रमईपुर से जातीय समीकरण को भी साधा जा सकता है। इस क्षेत्र में आसपास के कई गांव दलित और यादव बहुल हैं। खासकर रमईपुर में मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है। बसपा और सपा नेताओं का मानना है कि इस जगह जनसभा होने से दोनों लोकसभा क्षेत्रों से बंपर भीड़ जुटाई जा सकती है, जिससे राजनीतिक संदेश जनता के बीच बेहतर जा सके। बसपा के जोनल प्रभारी नौशाद अली का कहना है कि सपा के स्थानीय नेताओं से कई स्तर की वार्ता हो चुकी है। पिछले चुनाव में मायावती की रैलियों में होने वाली भीड़ से चार गुना लोग यहां नजर आयेंगे।

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