गुजरात से तूफान वायु का खतरा टला, पर अगले 24 घंटे तक जारी रहेगी सतर्कता - मुख्यमंत्री रूपाणी

गुजरात से तूफान वायु का खतरा टला, पर अगले 24 घंटे तक जारी रहेगी सतर्कता - मुख्यमंत्री रूपाणी

गांधीनगर अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान वायु के दिशा बदलने के कारण यह आशंका के विपरित गुजरात तट से नहीं टकरायेगा हालांकि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि खतरा टलने के बावजूद अगले 24 घंटे तक सतर्कता बनी रहेगी। श्री रूपाणी ने आज रात यहां पत्रकारों से कहा कि मौसम विभाग की सूचना के अनुसार तूफान वायु ने सौभाग्यवश दिशा बदल दी है और अब यह ओमान तट की ओर बढ़ रहा है। हालांकि बड़ा खतरा टल गया है पर राज्य सरकार का तंत्र अगले 24 घंटे तक एहतियाती तौर पर सतर्कता बनाये रखेगा। उन्होंने कहा कि तटवर्ती 10 जिलो में निचले इलाकों से हटाये गये लगभग तीन लाख लोग आज की रात भी सुरक्षित स्थानों पर ही रहेंगे। वहां दो दिन से बंद स्कूल कल भी बंद रहेंगे। कल सुबह स्थिति की समीक्षा के बाद लोगों को उनके घरों में वापस भेजने के बारे में निर्णय लिया जायेगा। नमी बढ़ने के कारण भारी वर्षा का खतरा अब भी बना हुआ है। कम से कम आज रात सतर्क रहने की जरूरत है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि तूफान के प्रभाव से राज्य भर में किसी की भी जान नहीं गयी है। उन्होंने कहा कि इस तूफान के कारण मानसून के आगमन में देरी तो कुदरती बात है पर उनकी सरकार ने 31 जुलाई तक राज्य भर में पीने के पानी का पर्याप्त संग्रह रखा हुआ है। श्री रूपाणी ने कहा कि विदेश दौरे पर गये प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वहां से उन्हें फोन कर स्थिति का जायजा लिया और तूफान की दिशा बदलने के बावजूद केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। ज्ञातव्य है कि तूफान ने दिशा बदल दी है और अब यह खाड़ी के देश ओमान की तरफ बढ़ रहा है जिससे इसके गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार यह जब गुजरात के वेरावल तट से लगभग 150 किमी दक्षिण पश्चिम में स्थित था तभी इसकी दिश बदल गयी और यह उत्तर पश्चिम की ओर यानी ओमान तट की ओर बढने लगा है। आज सुबह यह वेरावल से 110 किमी दक्षिण पश्चिम में स्थित था। इसके निकटता के प्रभाव से गुजरात के तटवर्ती क्षेत्र के मौसम में बदलाव दिख रहा है। समुद्र में ऊंची लहरे उठ रही हैं जबकि तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं बह रही हैं। पिछले 24 घंटे में 100 से अधिक तालुका में बरसात हुई है जिसमें सर्वाधिक पाटन और तलाजा में लगभग पौने दो ईंच है। अगले दो दिन तक भी तटीय इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गयी है। ज्ञातव्य है कि कल शाम तक इन इलाकों से तीन लाख से अघिक लोगों को एहतियाती तौर पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। हिंद महासागर के तट पर स्थित विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर भी कल दोपहर को धूल की आंधी में घिर गया गया था। आज पोरबंदर के भूतेश्वर मंदिर का एक हिस्सा समुद्र में ऊफान आने के कारण धराशायी हो गया। इसी जिले में तट पर लगी कई नौकाएं भी बह गयीं। अमरेली जिले में एक जहाज भी इसी अंदाज में समुद्र में बह गया पर इन घटनाओं में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। अहमदाबाद मौसम केंद्र के निदेशक जयंत सरकार ने आज यूएनआई को बताया कि तूफान अब गुजरात तट से नहीं टकरायेगा पर खतरा टला नहीं है। तेज हवाओं और भारी वर्षा से तटीय क्षेत्रों में नुकसान हो सकता है। भारतीय तटरक्षक दल के कमांडर नवतेज सिंह ने बताया कि तूफान पर नजदीकी से नजर रखी जायेगी और तब तक यह गुजरात तट से कुछ दूर निकल सकता है। यह बेहद धीमी गति से बढ़ रहा है। इस बीच इसके मद्देजनर तटवर्ती जिलों व्यापक एहतियाती उपाय किये गये हैं। तटवर्ती 11 जिलों के स्कूलों में कल और आज अवकाश की घोषणा कर दी गयी थी और अब ये कल भी बंद रहेंगे। तटवर्ती क्षेत्रों की बस, रेल और विमान सेवाएं भी रद्द कर दी गयीं थीं। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी स्वंय स्थिति पर करीबी नजर बनाये हुए हैं और राज्य तथा केंद्र सरकार समन्वय के साथ काम कर रही है। सभी प्रभारी मंत्रियों को उनके जिलों में रहने की ताकीद की गयी है। इसके अलावा सभी सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गयी हैं। हजारों की संख्या में मछुआरों की नौकाएं वापस लौट आयी हैं जबकि घोघा और दहेज के बीच खंभात की खाड़ी में चलने वाली रो रो फेरी सेवा को कल से तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है। लगभग 500 तटवर्ती गांवों ओर निचले इलाकों को खाली करा कर तीन लाख से अधिक लोगों को स्थानांतरित किया गया है। राहत और बचाव कार्य के लिए सेना के तीनों अंगों को भी तैयार रखा गया है। एनडीआरएफ की 40 से अधिक टुकड़ियां, 300 मरीन कमांडो, एसआरपी और एसडीआरएफ के जवान इन इलाको में तैनात हैं। तटवर्ती इलाकों में पुलिस ने रात को गश्त लगायी थी और यह अब भी वहां तैनात है। राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज कुमार ने बताया कि अब भी समुद्री किनारों पर किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है। अब तक चक्रवाती तूफान के प्रभाव के कारण राज्य में एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। गुजरात के 2251 गांवों में तूफान वायु के कारण पैदा हुई परिस्थिति में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई थी जिनमें से 1924 गांवों में से आज सुबह छह बजे तक सुचारू कर लिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले दो बार ऐसे तूफानों की चेतावनी अंत में फुस्स साबित हुई थी। वर्ष 2014 के अक्टूबर में नीलोफर तूफान और 2017 दिसंबर में ओखी तूफान गुजरात तट से टकराते समय महज निम्न दबाव के मामूली क्षेत्र में तब्दील हो गये थे। इनसे कोई नुकसान नहीं हुआ था जबकि इससे पहले इनसे निपटने के लिए व्यापक तैयारी की गयी थी और सेना के तीनो अंगों को भी तैयार रखा गया था।

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