चिटफंड घोटाला मामले में साक्ष्यों को मिटाने के आरोपित कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार का 20 से पहले हो जाएगा तबादला !

चिटफंड घोटाला मामले में साक्ष्यों को मिटाने के आरोपित कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार का 20 से पहले हो जाएगा तबादला !


कोलकाता। अरबों रुपये के चिटफंड घोटाला मामले में साक्ष्यों को मिटाने के आरोपित कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार का 20 फरवरी से पहले तबादला कर दिया जाएगा। गुरुवार को राज्य गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि चिटफंड मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई 20 फरवरी को दोबारा होगी। इसके पहले ही राजीव कुमार का तबादला कर दिया जाएगा। हालांकि उक्त अधिकारी ने यह नहीं बताया कि राजीव कुमार के बाद कोलकाता पुलिस का आयुक्त कौन बनेगा।

उल्लेखनीय है कि नौ से 13 फरवरी तक लगातार पांच दिनों तक शिलांग दफ्तर में सीबीआई पूछताछ के बाद राजीव कुमार कोलकाता लौटे हैं। लगातार चल रही पूछताछ के बीच राजीव कुमार ने सीबीआई को एक चिट्ठी लिखकर बताया था कि उनके आवास पर गत तीन फरवरी को पहुंची सीबीआई टीम के साथ बदसलूकी और मामले की जांच में कथित तौर पर सहयोग नहीं करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का मामला चल रहा है। न्यायालय द्वारा उन्हें इस मामले में नोटिस जारी की गई है और इसकी रिपोर्ट उन्हें 18 फरवरी से पहले पेश करनी है। साथ ही उन्हें अपने उत्तराधिकारी पुलिस आयुक्त को प्रभार भी सौंपना है, इसलिए उन्हें छुट्टी दी जानी चाहिए। इसी चिट्टी के आधार पर सीबीआई ने उन्हें शिलांग से कोलकाता लौटने की अनुमति दी है और 20 फरवरी के बाद एक बार फिर पूछताछ का सिलसिला शुरू करने की जानकारी भी दी है।

इससे पहले 16 जनवरी को चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी की थी, जिसमें स्पष्ट किया था कि चुनावी ड्यूटी में तैनात रहने वाले अधिकारियों का तबादला किया जाना चाहिए। इसके अलावा जो भी अधिकारी तीन साल से एक ही पद पर तैनात हैं, उनका तबादला करना होगा। राजीव कुमार तीन साल से अधिक समय से कोलकाता पुलिस आयुक्त हैं, इसलिए भी उनके ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और 20 फरवरी के पहले पूरी कर दी जाएगी। पहले यह समय सीमा 28 फरवरी थी, लेकिन अब इसे 20 फरवरी कर दिया गया है।

रिपोर्ट बताती है कि 2016 में कुमार को चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आयुक्त पद से हटा दिया गया था। लेकिन उसी साल, तृणमूल कि सरकार दोबारा बनने के बाद 21 मई को उन्हें फिर से बहाल कर दिया गया। 31 मई तक कमिश्नर के रूप में कुमार का कार्यकाल तीन साल की समय सीमा पार कर जाएगा, वहीं गृह विभाग के सूत्र का कहना है कि नए पुलिस आयुक्त का नाम अभी तक तय नहीं किया गया है। चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, जो अधिकारी उप चुनाव अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के रूप में चुनाव से संबंधित ड्यूटी में शामिल हुए हैं, उन्हें 31 मई, 2019 तक एक चुनाव या उप-चुनाव में स्थानांतरित किया जाएगा। पुलिस निरीक्षकों और उप-निरीक्षकों का भी तबादला होगा।

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