कर्नाटक के बागी 17 विधायकों को अयोग्य ठहराने का फैसला उचित

कर्नाटक के बागी 17 विधायकों को अयोग्य ठहराने का फैसला उचित

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक के 17 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने के फैसले को बुधवार को जायज ठहराया, लेकिन उन्हें विधानसभा उपचुनाव लडऩे की इजाजत दे दी। न्यायमूर्ति एन.वी. रमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने बागी विधायकों की याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष के. रमेश कुमार द्वारा बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने का फैसला सही था। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पूरे कार्यकाल के लिए अयोग्य ठहराने का अध्यक्ष का फैसला उचित नहीं था। न्यायालय ने बागी विधायकों को विधानसभा उपचुनाव लडऩे की अनुमति दे दी। शीर्ष अदालत ने इस मामले में गत 25 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर के 17 अयोग्य विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने येदियुरप्पा सरकार की चिंता बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में जहां विधायकों को अयोग्य करार देने के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को बरकरार रखा वहीं उनके अनिश्चितकाल तक चुनाव लडऩे पर पाबंदी हटा दी। अब ये 17 विधायक पांच दिसंबर को 15 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में लड़ सकते हैं। दो सीटों (मस्की और राजराजेश्वरी विधानसभा) पर चुनाव इसलिए नहीं हो रहे हैं, क्योंकि इनसे संबंधित याचिकाएं कर्नाटक हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं।

कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय के कर्नाटक के 17 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के फैसले को सही ठहराने पर बुधवार को कहा कि इससे साफ हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में कांग्रेस तथा जनता-एस की चुनी हुई सरकार को जबरन गिराया था, इसलिए मुख्यमंत्री बी एस येदयुरप्पा के नेतृत्व वाली सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।

Share it
Top