भीम आर्मी के रूख में बदलाव...सचिन वालिया की मौत के खुलासे के बाद नई रणनीति की घोषणा

भीम आर्मी के रूख में बदलाव...सचिन वालिया की मौत के खुलासे के बाद नई रणनीति की घोषणा

सहारनपुर। सहारनपुर मंडल में दलित हितों को लेकर पिछले दो वर्षों से सक्रिय भीम आर्मी ने सचिन वालिया की मृत्यु के सनसनीखेज खुलासे के बाद अपनी पुरानी रणनीति में बदलाव करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत नोटियाल और जिलाध्यक्ष कमल वालिया ने आज यहां पत्रकारों से कहा कि उनके संस्थापक अध्यक्ष चंद्रशेखर और विनय रतन कानपुर जेल में बंद हैं, इसलिए तय किया गया है कि अब भीम आर्मी की तरफ से कोई भी अधिकृत बयान के लिए राष्ट्रीय प्रवक्ता और जिलाध्यक्ष ही अधिकृत किए गए है। उन्होंने कहा कि वे महाराणा प्रताप जयंती समारोह आयोजित किए जाने के विरोधी नहीं हैं और समाज की मुख्य धारा के साथ रहना और चलना चाहते हैं। मृतक सचिन वालिया के भाई कमल वालिया ने यह भी कहा कि भीम आर्मी के अपने साथियों ने सचिन की मौत के बाद सच्चाई को उनसे तीन दिन तक छुपाए रखा। अगर वे लोग उसको घटना वाले दिन ही सच्चाई बता देते तो दलित भड़कते और ना ही हत्या की एफआईआर कराई जाती। कमल वालिया ने भाई की हत्या में सामने आए सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी काईवाई की मांग की हैं। गौरतलब है कि 9 मई को सचिन वालिया की मौत उन्हीं के साथियों द्वारा चलाए गए तमंचे से हुई थी, जिसमें एक आरोपी प्रवीण जेल जा चुका हैं और दूसरा आरोपी निहाल गिरफ्तारी के डर से घर पर ताला लगाकर फरार हो गया है। पुलिस अधीक्षक शहर प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि सचिन को गोली लगने के दौरान भीम आर्मी के आठ आदमी कमरे में मौजूद थे, उनमें से पुलिस ने छह को हत्या का आरोपी और दो को सरकारी गवाह बनाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में मृतक सचिन वालिया की मां ने देहात कोतवाली में जिन राजपूत युवकों शेरसिंह राणा, नगेंद्र राणा, कान्हा राणा और उपदेश राणा के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट में फाइनल रिपोर्ट लगाई जाएगी।

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