वाराणसी हादसे के बाद सरकार ने कसा शिकंजा...सेतु निगम अफसरों के खिलाफ एफआईआर

वाराणसी हादसे के बाद सरकार ने कसा शिकंजा...सेतु निगम अफसरों के खिलाफ एफआईआर

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में वाराणसी जिला प्रशासन ने निर्माणाधीन पुल का बीम गिर जाने से हुए हादसे के मामले में सेतु निगम के अधिकारियों के खिलाफ आज एफआईआर दर्ज कराई है।
जिला प्रशासन सूत्रों ने बताया कि इस मामले में सेतु निगम के अधिकारियों को सिगरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इससे पहले फ्लाईओवर के निर्माण में लापरवाही बरतने के आरोप में प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सेतु निर्माण निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक एचसी तिवारी, परियोजना प्रबंधक के.एस. सूदन, सहायक अभियंता राजेश सिंह और अवर अभियंता लालचंद को निलंबित कर दिया है। इस बीच मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर भी सामने आई। पोस्टमार्टम हाउस से शव के बदले में दो सौ रुपए की मांग की गई। मामला सामने आने पर रुपए की मांग करने वाले सफाईकर्मी को निलंबित कर दिया गया। वाराणसी में बीएचयू के पोस्टमार्टम हाउस में तैनात सफाई कर्मी बनारसी के चौकाघाट लहरतारा फ्लाईओवर दुर्घटना में मृत दो लोगों के परिजनों से दो-दो सौ रुपए मांगने की सूचना पर प्रशासन ने इसे काफी गंभीरता से लिया। वाराणसी जिला प्रशासन ने इस मामले में सफाई कर्मी बनारसी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उसके विरुद्ध लंका थाने में एफआइआर दर्ज करायी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वाराणसी के फ्लाईओवर हादसे की जांच रिपोर्ट 48 घंटे में मांगने को लेकर प्रदेश के आला अधिकारी बेहद सक्रिय हो गए। तीन सदस्यीय टीम के अध्यक्ष कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिंह तथा दो अन्य सदस्यों के साथ सुबह ही वाराणसी पहुंचे। जांच समिति ने आज घटनास्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राहत कार्य भी देखा।

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