कर्नाटक में कुमारस्वामी को आमंत्रण न मिलने पर न्यायालय जा सकती है कांग्रेस

कर्नाटक में कुमारस्वामी को आमंत्रण न मिलने पर न्यायालय जा सकती है कांग्रेस

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने आज कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस - जनता दल एस के पास पर्याप्त बहुमत है इसलिए राज्यपाल उच्चतम न्यायालय के पूर्व के एक फैसले के अनुरुप इस गठबंधन के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के लिए बाध्य हैं।
पार्टी ने कहा कि राज्यपाल यदि ऐसा नहीं करते हैं तो यह संविधान का उल्लंघन और न्यायालय के फैसले की अवमानना होगी और वह उस स्थिति में न्यायालय का दरवाजा खटखटाने जैसे विभिन्न विकल्पों को अपना सकती है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम, कपिल सिब्बल, विवेक तन्खा तथा रणदीप सिंह सुरजेवाला ने देर शाम यहां पार्टी मुख्यालय में एक विशेष संवाददाता सम्मेलन कहा कि कांग्रेस तथा जनता दल एस ने कर्नाटक के राज्यपाल को विधायकाें के समर्थन का पत्र सौंपा था और कहा था कि इस गठबंधन को सरकार का गठन करने के लिए आमंत्रित करना का अनुरोध किया था लेकिन उन्होंने अभी तक कोई आमंत्रण नहीं दिया है।
श्री चिदंबरम ने सवाल किया कि गठबंधन के नेता एच डी कुमारस्वामी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने में राज्यपाल आड़े क्या आ रहा है जबकि श्री कुमारस्वामी स्पष्ट रुप से यह बता चुके बहुमत उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पद एक संवैधानिक पद है अौर उन्हें ऐसे रास्ते पर नहीं चलना चाहिए जो गैर कानूनी हो। वह उच्चतम न्यायालय के फैसले को देखते हुए बहुमत वाले गठबंधन के नेता को आमंत्रित करने के लिए बाध्य हैं।
श्री सिब्बल ने कहा कि गोवा, मणिपुर और मेघालय के मामले में कांग्रेस सबसे बडी पार्टी थी लेकिन वहां उसे सरकार का गठन करने के लिए नहीं बुलाया गया बल्कि चुनाव बाद गठबंधन करने वाले दलों को आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि गोवा के मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि सरकार चलाने के लिए पर्याप्त बहुमत को देखते हुए बाद में गठबंघन करने वाले दलों को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना सही था। कर्नाटक में भी ऐसी ही स्थिति है इसलिए राज्यपाल को न्यायालय के फैसले के अनुरुप ही काम करना चाहिए।
दोनों नेताओं ने कहा कि कांगेस और जद एस ने अपना बहुमत राज्यपाल को दिखा दिया है लेकिन उन्होंने अभी तक श्री कुमारस्वामी को सरकार का गठन करने के लिए आमंत्रित नहीं किया है। उन्होेंने कहा कि ऐसा सुनने में आया है कि भाजपा के नेता बी एस येदियुरप्पा को सरकार का गठन करने के लिए आमंत्रित किया गया है लेकिन इसकी आधिकारिक रुप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वे यह मानते हैं कि उन्होंने अभी तक किसी को आमंत्रित नहीं किया है।
श्री सिब्बल ने कहा कि अगर भाजपा को सरकार बनाने का न्यौता है तो उससे साफ होगा कि उसे विधायकों की तोड़ फोड़ करने का मिलेगा और इससे यह भी लगेगा कि राज्यपाल पर कही न कही से दबाव पड़ रहा है।

Share it
Top