भारत स्वीडन ने स्थापित की नवान्वेषण साझेदारी, मिल कर करेंगे रक्षा उत्पादन

भारत स्वीडन ने स्थापित की नवान्वेषण साझेदारी, मिल कर करेंगे रक्षा उत्पादन

स्टॉकहोम। भारत और स्वीडन ने अपने द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने के लिए एक 'साझा कार्य योजना' तथा 'नवान्वेषण साझेदारी' के दस्तावेजों पर आज यहां हस्ताक्षर किए और मेक इन इंडिया के तहत रक्षा उत्पादन एवं साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टेफ़ान लवैन के बीच यहां हुई द्विपक्षीय शिखर बैठक में ये फैसले लिए गये। इस मौके पर श्री मोदी ने अपने प्रेस वक्तव्य में कहा कि भारत के मेक इन इंडिया कार्यक्रम में स्वीडन शुरू से ही मजबूत भागीदार रहा है। आज की हमारी बातचीत में सबसे प्रमुख विषय यही थी कि भारत के विकास से बन रहे अवसरों में स्वीडन किस प्रकार भारत के साथ परस्पर लाभकारी साझेदारी कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप आज हमने एक नवान्वेषण साझेदारी और संयुक्त कार्य योजना पर सहमति की है।
उन्होंने कहा कि नवान्वेषण, निवेश, स्टार्ट अप्स, विनिर्माण आदि हमारी साझेदारी के प्रमुख आयाम हैं। इनके साथ हम नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी परिवहन, कचरा प्रबंधन जैसे अनेक विषयों पर भी ध्यान दे रहे हैं, जो भारत के लोगों के जीवन स्तर से जुड़े विषय हैं। व्यापार एवं निवेश से जुड़े विषयों पर आज श्री लवैन और वह स्वीडन के प्रमुख कारोबारियों के साथ मिलकर चर्चा करेंगे।
श्री मोदी ने कहा, "हमारे द्विपक्षीय संबंधों का एक और मुख्य स्तंभ है हमारा रक्षा और सुरक्षा सहयोग। रक्षा क्षेत्र में स्वीडन बहुत लंबे समय से भारत का साझेदार रहा है। मुझे विश्वास है कि भविष्य में भी इस क्षेत्र में, विशेष रूप से रक्षा उत्पादन में, हमारे सहयोग के लिए कई नए अवसर पैदा होने वाले हैं। हमने अपने सुरक्षा सहयोग, विशेष रूप से साइबर सुरक्षा सहयोग, को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।"
उन्होंने कहा कि दोनों के बीच यूरोप एवं एशिया में जारी गतिविधियों के बारे में विस्तार से विचारों का आदान प्रदान हुआ है और दोनों एक और बात पर सहमत हुए हैं कि भारत एवं स्वीडन संबंधों का महत्त्व क्षेत्रीय और वैश्विक पटल पर भी हो। अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमारा बहुत क़रीबी सहयोग है, और आगे भी जारी रहेगा।
श्री मोदी ने कहा कि यह उनकी स्वीडन की पहली यात्रा है। भारत के प्रधानमंत्री की स्वीडन यात्रा लगभग तीन दशकों के अंतराल के बाद हो रही है। उन्होंने स्वीडन में गर्मजोशी भरे स्वागत और सम्मान के लिए श्री लवैन और स्वीडन की सरकार काे धन्यवाद दिया और उनकी इस यात्रा में अन्य नोर्डिक देशों के साथ भारत के शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भी आभार प्रकट किया।

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