'राजनीतिक दंगल के लिए सुप्रीम कोर्ट को न बनाएं अखाड़ा'

राजनीतिक दंगल के लिए सुप्रीम कोर्ट को न बनाएं अखाड़ा

नई दिल्ली। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के वकीलों की झड़प से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपने राजनीतिक दंगल के लिए सुप्रीम कोर्ट को अखाड़ा न बनाएं।
राज्य की बीजेपी सरकार अनुराग ठाकुर के खिलाफ हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) केस को राजनीति से प्रेरित बताकर बंद करना चाहती है। इस पर वीरभद्र सिंह के वकील ने कड़ा एतराज जताया। उसके बाद जस्टिस एके सिकरी की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस पर 3 मई को सुनवाई करने का फैसला किया। याचिका में धर्मशाला की स्पेशल कोर्ट में लंबित मामले को रद्द करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट हिमाचल प्रदेश सरकार की अर्जी को खारिज करते हुए पहले ही स्पेशल कोर्ट की कार्यवाही पर स्टे लगा चुका है।
पिछली सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वो राजनीति से प्रेरित मामलों को वापस लेना चाहती है लेकिन वो अभी इसके बारे में आश्वस्त नहीं हैं कि वर्तमान मामले को वापस लेना है कि नहीं। राज्य सरकार से निर्देश लेने के लिए वकील ने समय की मांग की।
उल्लेखनीय है कि अप्रैल,2014 को विजिलेंस विभाग ने भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 201 और 120बी के तहत और भ्रष्टाचार उन्मुलन अधिनियम की धारा 13 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में विजिलेंस विभाग ने अनुराग ठाकुर, एचपीसीए के निदेशक समेत तेरह लोगों को आरोपी बनाया है। ठाकुर और अन्य आरोपियों को कोर्ट ने बतौर आरोपी तलब किया था। उनके खिलाफ धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम की जमीन पर अतिक्रमण करने का आरोप है।

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