शहीद जवान का धर्म नहीं देखा जाता : सेना

शहीद जवान का धर्म नहीं देखा जाता : सेना

ऊधमपुर। सेना ने कहा है कि शहीद होने वाले सैनिकों को किसी संप्रदाय से जोड़कर नहीं देखा जाता, उत्तरी कमान के कमांडर ने डी अंबु ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि सुंजवान आतंकवादी हमले में मारे गये सात जवानों में से छह के मुस्लिम होने संबंधी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन आेवैसी के बयान का उल्लेख किए बिना कहा कि शहीद होने वाले जवान का धर्म नहीं देखा था।
कमांडर अंबु ने सुंजवान हमले की चर्चा करते हुए कहा कि आतंकवादी संगठन सांठ-गांठ कर राज्य में हमलों की योजना बना रहे हैं लेकिन सेना पूरी तरह सजग है और उनके नापाक इरादों को विफल करने के लिए तैयार है।
सेना कमांडर ने यहां अपने कमान की स्थापना समारोह के बाद कहा," तीनों आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद या लश्कर-ए-तैयबा से मिले हुए हैं और इनके आतंकवादी एक संगठन से दूसरे संगठन में जाते रहते हैं। चाहे घाटी हो या फिर जम्मू।"
उन्होंने कहा," शासन के खिलाफ हथियार उठाने वाला कोई भी व्यक्ति आतंकवादी है। सेना जानती है कि ऐसे आतंकवादी से कैसे निपटा जाये और हम उससे उचित तरीके से निपेटेंगे भी।"
उन्होंने बताया कि राज्य में सुरक्षा उपायों पर अब तक 364 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं। सेना की बड़ी संख्या में छोटी इकाइयां हैं जिनको न केवल अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है बल्कि उनकी सुरक्षा के पुख्ता उपाय किये जा रहे हैं। पाकिस्तान की ओर से लगातार किये जा रहे संघर्ष विराम उल्लंघन पर सेना कमांडर ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक भारत की जवाबी कार्रवाईयों में 192 पाकिस्तानी सैनिक मारे गये। सूचनाओं के मुताबिक वास्तविक संख्या इससे काफी अधिक है।
सेना कमांडर ने कहा,"भारतीय सैनिकों पर योजनाबद्ध हमलों में पाकिस्तानी सेना की सीधी भूमिका है।

Share it
Share it
Share it
Top