लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पक्ष व विपक्ष एक-दूसरे का घर तोड़ने लगे , लोकसभा की 40 सीटों वाले बिहार, 80 सीटों वाले उ.प्र. में होगा तोड़फोड़

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पक्ष व विपक्ष एक-दूसरे का घर तोड़ने लगे , लोकसभा की 40 सीटों वाले बिहार, 80 सीटों वाले उ.प्र. में होगा तोड़फोड़


नई दिल्ली। केवल भाजपा ही नहीं विपक्षी दलों में सेंध लगा रही है| विपक्षी दल भी भाजपा व उसके सहयोगी दलों के घर में सेंध लगा रहे हैं। बिहार में रामविलास पासवान के कुनबे में राजद ने सेंध लगाकर यह साबित कर दिया है। भाजपा ने उ.प्र. में अमर सिंह के मार्फत मुलायम सिंह यादव के कुनबे में सेंध लगाया है और मुलायम यादव के भाई शिवपाल यादव से एक अलग पार्टी का गठन कराकर समाजवादी पार्टी का वोट काटने का इंतजाम कर लिया है। कुछ माह बाद हो सकता है मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का बेटा व बहू अलग राग अलापते हुए शिवपाल के साथ आ जाएं। वैसे भी प्रतीक की बहू इन दिनों भाजपा की ज्यादा ही प्रशंसा कर रही है। इसी तरह अन्य राज्यों में भी किया जा रहा है।

बिहार में राजद प्रमुख लालू यादव के दो बेटों में फूट डालने और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पटाकर अलग पार्टी बनवाने की कोशिश तेज हो गई है। तेज प्रताप पहले से ही तरह-तरह के अजूबे काम करके चर्चा में रहे हैं। अब उनकी पत्नी जिसकी राजनीतिक महात्वाकांक्षा इनसे भी अधिक है, ने उसमें और खाद-पानी डाल दिया है। जिससे लगता है कि आगामी लोकसभा चुनाव के समय तेज प्रताप अपनी तेजी दिखाते हुए अपने मामा साधु यादव की राह पकड़ लेंगे। इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश मणि का कहना है कि यह करके तेज प्रताप क्या कर पायेंगे यह तो उनको अपने मामा का हश्र देख कर समझ जाना चाहिए। हां, वह खुद व परिवार को प्रहसन का पात्र तो बना ही देंगे।

इसके जवाब में राजद ने भाजपा की सहयोगी "लोक जनशक्ति पार्टी" के प्रमुख रामविलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी की दो बेटियों को अपना मंच दे दिया है। एक बुजुर्ग पत्रकार का कहना है कि रामविलास पासवान पंजाबी ब्राह्मण एअर होस्टेस रीना पर रीझे तो उससे अंग्रेजी पढ़ने लगे। पढ़ते-पढ़ते उससे प्रेम करने लगे। उसके बाद मामला आगे बढ़ा तो अपनी पत्नी राजकुमारी देवी को 1981 में छोड़ दिया या तलाक दे दिया। पासवान ने रीमा से 1983 में शादी कर ली। पासवान को पहली पत्नी से दो बेटियां हैं और वे दोनों अपने पिता से अलग रहती हैं। उन दोनों में बड़ी आशा पासवान है। जिसकी शादी अनिल साधू से हुई है| वह पटना में रहती है। अनिल साधू लोजपा बिहार दलित सेना के अध्यक्ष रहे हैं|

लेकिन अपने ससुर द्वारा केवल बेटे चिराग को बढ़ाने, बेटी की अनदेखी करने के कारण लोजपा छोड़कर राजद में आ गए हैं। उन्होंने लोजपा के विरूद्ध चुनाव लड़ने की घोषणा की है। उनकी पत्नी यानि रामविलास की बेटी आशा पासवान ने अपने पिता के विरूद्ध राजद के टिकट पर हाजीपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की हुंकार भरी है। आशा का कहना है कि उनके पिता ने हमेशा बेटियों के साथ भेदभाव किया और केवल बेटा चिराग को आगे बढ़ाया, उनको सांसद बनाया। आशा के पति अनिल साधू ने रामविलास पासवान पर अपने भाइयों व बेटे को आगे बढ़ाने, उन्हें सांसद, मंत्री बनवाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पासवान दलितवाद के नाम पर भाई-बेटा वाद करते हैं। उनके भाई पशुपति पारस, रामचंद्र पासवान, भतीजा प्रिंस राज, बेटा चिराग सबके सब किसी न किसी पद पर हैं| सांसद, मंत्री और विधायक हैं। इस तरह 40 संसदीय सीटों वाले बिहार और 80 संसदीय सीटों वाले उ.प्र. में तोड़फोड़ परवान चढ़ने लगा है।


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